उत्तर प्रदेश

TransportAction – क्षमता से तीन गुना अधिक यात्री मिलने पर बस सीज

TransportAction – राजधानी लखनऊ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर परिवहन विभाग की कार्रवाई में एक स्लीपर बस में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान बस में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक यात्री यात्रा करते मिले। अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए बस को तत्काल सीज कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

जांच में सामने आई चौंकाने वाली स्थिति

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित स्लीपर बस बिहार के मुजफ्फरपुर से पंजाब के पटियाला की ओर जा रही थी। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर नियमित जांच अभियान के दौरान बस को रोका गया। प्रारंभिक निरीक्षण में ही यह स्पष्ट हो गया कि वाहन में अत्यधिक संख्या में यात्री सवार थे, जिसके बाद विस्तृत जांच की गई।

47 की क्षमता वाली बस में मिले 167 यात्री

जांच के दौरान पाया गया कि बस में कुल 167 यात्री मौजूद थे, जबकि वाहन की स्वीकृत क्षमता केवल 47 यात्रियों की थी। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को सीटों के अलावा गलियारों और अन्य स्थानों पर भी बैठाया गया था। यह स्थिति न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन थी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती थी।

छत पर भी कराई जा रही थी यात्रा

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ यात्री बस की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार यह अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति मानी जाती है। अधिकारियों ने इसे यात्रियों की जान को खतरे में डालने वाला मामला बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया।

परमिट संबंधी अनियमितता भी मिली

दस्तावेजों की जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। परिवहन विभाग के अनुसार, बस का ऑल इंडिया परमिट समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वाहन का संचालन किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि वैध परमिट के बिना यात्री परिवहन करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और इस मामले को भी कार्रवाई में शामिल किया गया है।

बस की संरचना में भी मिली गड़बड़ी

जांच टीम ने पाया कि वाहन की आंतरिक संरचना में भी बदलाव किए गए थे। इमरजेंसी एग्जिट के पास अतिरिक्त बेंच लगाई गई थीं और यात्रियों को निर्धारित मार्गों तथा गलियारों में भी बैठाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन स्थिति में ऐसे बदलाव यात्रियों की निकासी को प्रभावित कर सकते हैं और दुर्घटना की स्थिति में खतरा बढ़ा सकते हैं।

अधिकारियों की सतर्कता पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, जिस क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई, वहां परिवहन विभाग के इंटरसेप्टर वाहन भी मौजूद थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर चल रही बस पहले नजर में क्यों नहीं आई, इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में विभागीय स्तर पर भी समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा जो क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चलते हैं या परिवहन नियमों का पालन नहीं करते। विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा से पहले वाहन की वैधता और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें।

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