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BorderManagement – सीमा संचालन को डिजिटल बनाने के लिए लॉन्च होगी नई प्रणाली

BorderManagement – भारत की सीमा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं पर व्यापार, यात्री आवागमन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

नई सुविधाओं का भी होगा उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री मेघालय के दावकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट पर तैयार की गई नई आवासीय सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन परिसरों का निर्माण सीमा क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित हितधारकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सरकार का मानना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं से संचालन क्षमता और कार्य दक्षता में सुधार होगा।

क्या है लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम

LPMS एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे देश के विभिन्न लैंड पोर्ट्स की गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए विकसित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच आवश्यक सूचनाओं का सुरक्षित और रियल-टाइम आदान-प्रदान संभव होगा। इसका उद्देश्य भूमि सीमाओं पर मौजूद पोर्ट्स को तकनीकी रूप से उसी स्तर तक पहुंचाना है, जैसा आधुनिक हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों में देखने को मिलता है।

प्रक्रियाओं को मिलेगा डिजिटल स्वरूप

सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत कार्गो और यात्रियों से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। इसमें स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, माल और वाहनों की ट्रैकिंग तथा सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी और विभिन्न कार्यों के निष्पादन में लगने वाला समय भी घटेगा।

विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय

LPMS को इस तरह तैयार किया गया है कि सरकारी विभागों, सीमा प्रबंधन एजेंसियों और निजी क्षेत्र के ऑपरेटरों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके। एकीकृत प्रणाली के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज और अधिक सटीक होगा, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा जुड़ाव

नई प्रणाली को देश के कई प्रमुख डिजिटल नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इनमें ICEGATE, ULIP और मोटर वाहन इकोसिस्टम जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इस एकीकरण के जरिए सीमा क्षेत्रों में काम करने वाली विभिन्न एजेंसियों को एक साझा डिजिटल ढांचा मिलेगा, जिससे संचालन अधिक सुचारु और इंटरऑपरेबल बन सकेगा।

15 लैंड पोर्ट्स का संचालन कर रही है LPAI

लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI), जो गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत कार्य करती है, वर्तमान में देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थित 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन कर रही है। इनमें अटारी, डेरा बाबा नानक, रक्सौल, जोगबनी, रूपईडीहा, दर्रंगा, पेट्रापोल, दावकी, सुतारकांडी, गोलकगंज, मनकाचर, अगरतला, श्रीमंतपुर, सबरूम और मोरेह जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं।

व्यापार और सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

केंद्र सरकार का मानना है कि LPMS के लागू होने से सीमा पार व्यापार को नई गति मिलेगी और यात्री सुविधाओं में भी सुधार होगा। साथ ही, डिजिटल निगरानी और डेटा प्रबंधन के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह पहल भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है और इसे देश की स्मार्ट बॉर्डर रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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