अंतर्राष्ट्रीय

IranDeal – ईरान समझौते पर ट्रंप प्रशासन की सख्त शर्तें बरकरार

IranDeal – अमेरिका ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वाशिंगटन किसी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसकी प्रमुख सुरक्षा और रणनीतिक चिंताओं का समाधान न करता हो। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का समाधान और होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

बेसेंट ने यह भी बताया कि क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण समुद्री परिवहन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में जहाज खाड़ी क्षेत्र से निकलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर नजर रखने वाले देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

अंतिम फैसला राष्ट्रपति की मंजूरी से होगा

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत विभिन्न स्तरों पर जारी है, लेकिन किसी भी प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्वीकृति आवश्यक होगी।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही को भी प्राथमिक शर्तों में शामिल किया गया है।

दबाव के बाद बातचीत के लिए तैयार हुआ ईरान

वित्त मंत्री ने दावा किया कि हाल के वर्षों में लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य दबावों के कारण ईरान बातचीत की दिशा में आगे बढ़ा है। उनके अनुसार मौजूदा प्रशासन की नीतियों ने तेहरान को परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए तैयार किया है, जो पहले आसान नहीं माना जाता था।

उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रतिबंध राहत तभी संभव होगी जब ईरान अमेरिकी पक्ष की प्रमुख शर्तों का पालन करेगा। फिलहाल बातचीत जारी है और दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हो रहा है।

समुद्री मार्गों पर बढ़ी चिंता

स्कॉट बेसेंट ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तनाव के कारण बड़ी संख्या में मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। उनके अनुसार लगभग 2,000 जहाज खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए इंतजार कर रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी मार्ग से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

ऊर्जा बाजार को लेकर जताया भरोसा

हालांकि बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी वित्त मंत्री ने ऊर्जा बाजार की स्थिरता को लेकर भरोसा जताया। उनका कहना है कि वैश्विक बाजारों ने अब तक स्थिति का सामना संतुलित तरीके से किया है। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री परिवहन सामान्य होने के बाद तेल कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

बेसेंट के अनुसार अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से वैश्विक बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला है, जिससे कीमतों में अत्यधिक उछाल को नियंत्रित रखने में मदद मिली है।

एआई क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त का दावा

विदेश नीति और आर्थिक मुद्दों के अलावा स्कॉट बेसेंट ने तकनीकी क्षेत्र पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अमेरिका दुनिया का अग्रणी देश बना हुआ है। उनके अनुसार चीन इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, लेकिन अभी भी अमेरिका से काफी पीछे है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में एआई तकनीक वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख आधार बनने वाली है और अमेरिका अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए लगातार निवेश और नवाचार पर जोर दे रहा है।

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