MoneyLaundering – टेंडर घोटाले में ठेकेदार रिशु श्री गिरफ्तार, जांच तेज
MoneyLaundering – बिहार में टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में विशेष निगरानी इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार रिशु श्री को हिरासत में लिया है। बुधवार देर रात जांच एजेंसी की टीम पटना के मीठापुर स्थित उनके आवास पहुंची, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए अपने कार्यालय ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।

देर रात तक चली पूछताछ
विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों ने बताया कि रिशु श्री से देर रात तक पूछताछ की गई। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी को टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी जानकारी पहले से मिल रही थी। इसी आधार पर निगरानी टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
11 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
इससे पहले बुधवार सुबह विशेष निगरानी इकाई ने मीठापुर स्थित एक फ्लैट में लंबी छापेमारी की थी। यह कार्रवाई करीब 11 घंटे तक चली। जांच के दौरान टीम ने भारी मात्रा में आभूषण, नकदी और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैट से लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा करीब ढाई लाख रुपये नकद और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।
संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की जांच
विशेष निगरानी इकाई अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के स्रोत की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित धनराशि किस माध्यम से अर्जित की गई।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर अनियमितता हुई और इसमें अन्य लोगों की भूमिका क्या रही। मामले से जुड़े कुछ और लोगों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
अधिकारियों से संपर्क को लेकर भी जांच
मामले में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपर्क को लेकर भी चर्चा चल रही है। हालांकि विशेष निगरानी इकाई ने फिलहाल इस विषय पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। एजेंसी का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
आर्थिक अपराधों पर बढ़ी सख्ती
बिहार में आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर हाल के दिनों में निगरानी एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है। सरकार और जांच एजेंसियां सार्वजनिक योजनाओं और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दे रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी परियोजनाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।