CinemaEconomy – कमल हासन ने फिल्म इंडस्ट्री से की खर्च घटाने की अपील
CinemaEconomy – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भारतीय फिल्म उद्योग से खर्चों को लेकर गंभीरता से सोचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में फिल्म इंडस्ट्री को अनावश्यक खर्च और दिखावे वाली प्रोडक्शन शैली से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर जारी अपने विस्तृत बयान में कमल हासन ने खास तौर पर विदेशी लोकेशन पर होने वाले भारी खर्च और लग्जरी प्रोडक्शन पर सवाल उठाए।

कमल हासन का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब फिल्म निर्माण की लागत लगातार बढ़ रही है और मनोरंजन उद्योग आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को व्यावहारिक और टिकाऊ मॉडल की ओर बढ़ना होगा।
विदेशी लोकेशन पर बढ़ते खर्च पर उठाए सवाल
अपने बयान में कमल हासन ने पूछा कि हर प्रेम कहानी को विदेशी शहरों में फिल्माने की जरूरत क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि रोमांस और सुंदर दृश्य केवल पेरिस या स्विट्जरलैंड तक सीमित नहीं हैं। भारत में भी ऐसे कई स्थान मौजूद हैं जहां बेहतरीन शूटिंग की जा सकती है।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि विदेशी यात्राओं और महंगे शूटिंग शेड्यूल के बजाय स्थानीय संसाधनों और भारतीय लोकेशन पर भरोसा बढ़ाया जाए। उनके अनुसार वैश्विक संकट का असर ईंधन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ रहा है, जिससे फिल्म निर्माण की लागत और बढ़ सकती है।
वर्कर्स के हितों को प्राथमिकता देने की बात
कमल हासन ने कहा कि किसी भी आर्थिक सुधार का असर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों की सैलरी, भोजन, सुरक्षा और काम की परिस्थितियों में कटौती कर लागत कम करना उचित तरीका नहीं है।
उनके मुताबिक फिल्म निर्माण में सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले लोगों पर आर्थिक दबाव डालना गलत होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि खर्चों में कटौती फिजूलखर्ची, खराब योजना और गैरजरूरी लग्जरी गतिविधियों में की जानी चाहिए।
बेहतर योजना और अनुशासन पर दिया जोर
अभिनेता ने इंडस्ट्री से अधिक अनुशासित और व्यवस्थित प्रोडक्शन मॉडल अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शूटिंग शेड्यूल को समयबद्ध और नियंत्रित बनाना जरूरी है ताकि अनावश्यक देरी और अतिरिक्त लागत से बचा जा सके।
कमल हासन ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो वहां विदेश यात्राओं में कमी लाई जाए और घरेलू स्तर पर ही बेहतर शूटिंग विकल्प तलाशे जाएं। उनके अनुसार यदि फिल्म उद्योग अभी से आर्थिक संतुलन पर ध्यान देगा तो भविष्य में बड़े संकट से बचा जा सकेगा।
वैश्विक हालात का असर मनोरंजन उद्योग पर भी
कमल हासन ने यह भी कहा कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता का असर दर्शकों के मनोरंजन खर्च पर भी पड़ सकता है। यदि उत्पादन लागत लगातार बढ़ती रही तो इसका असर टिकट कीमतों और फिल्म कारोबार पर दिखाई देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में बड़े बजट वाली फिल्मों का दबाव बढ़ा है, जबकि कई फिल्मों को अपेक्षित व्यावसायिक सफलता नहीं मिली। ऐसे में इंडस्ट्री के भीतर खर्च और प्रबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू हो सकती है।
आगामी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में अभिनेता
वर्कफ्रंट की बात करें तो कमल हासन आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वह निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की फिल्म में सुपरस्टार रजनीकांत के साथ दिखाई देंगे। इसके अलावा वह ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल का भी हिस्सा हैं, जिसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है।