RetailPolicy – यूपी में छोटी सड़कों पर भी खुल सकेंगी रिटेल दुकानें
RetailPolicy – उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी व्यापार और छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भवन विकास उपविधि में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए संशोधन के तहत अब शहरों में 100 वर्ग मीटर तक की फुटकर और रिटेल दुकानों को 9 मीटर चौड़ी सड़क पर खोलने की अनुमति मिल गई है। सरकार का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पहले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्यता थी, जिसके कारण छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें, मोबाइल स्टोर, कैंटीन और अन्य छोटे कारोबारी प्रतिष्ठान अपेक्षाकृत कम चौड़ी सड़कों पर भी संचालित किए जा सकेंगे।
व्यावसायिक परिसरों के लिए बदले गए मानक
प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद की ओर से जारी अधिसूचना में विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक परिसरों के लिए नई सड़क चौड़ाई निर्धारित की गई है। इसके तहत शॉपिंग मॉल के लिए न्यूनतम 18 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य होगी, जबकि शॉपिंग सेंटर और मिनीप्लेक्स जैसी परियोजनाओं के लिए 12 मीटर सड़क पर्याप्त मानी जाएगी।
सरकार का कहना है कि पुराने नियम वर्तमान शहरी जरूरतों के अनुरूप नहीं थे। कई छोटे शहरों और कस्बों में सड़क चौड़ाई कम होने के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। संशोधित नियमों से अब निवेशकों और स्थानीय कारोबारियों को परियोजनाएं शुरू करने में आसानी होगी।
वेयरहाउसिंग और कृषि क्षेत्र को भी राहत
नए संशोधन में वेयरहाउसिंग गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इसके बाद कृषि भूमि उपयोग वाले क्षेत्रों में भी 7 मीटर चौड़ी सड़क पर वेयरहाउस और संबंधित औद्योगिक गतिविधियों को अनुमति मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
फार्महाउस और डेरी फार्म संचालन के नियमों में भी ढील दी गई है। अब फार्महाउस परिसर में 20 प्रतिशत तक गैर-कृषि गतिविधियों की अनुमति होगी। वहीं डेरी फार्म में 20 प्रतिशत भू-आच्छादन की मंजूरी भी 7 मीटर सड़क पर दी जा सकेगी। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में कृषि आधारित व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन और होटल उद्योग को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने होटल और पर्यटन क्षेत्र को भी नई नीति के जरिए राहत दी है। अधिसूचना के अनुसार 20 करोड़ रुपये तक की लागत वाले होटल, हेरिटेज होटल और टेंट आधारित आवास परियोजनाएं अब 9 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थापित की जा सकेंगी।
हालांकि बड़े होटल, रिसॉर्ट और वेलनेस सेंटर जैसी परियोजनाओं के लिए 12 मीटर सड़क की शर्त लागू रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि छोटे शहरों और पर्यटन स्थलों पर भी आतिथ्य सेवाओं का विस्तार हो सके।
व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद
राज्य सरकार का मानना है कि भवन विकास उपविधि में किए गए इन बदलावों से शहरी विकास को नई गति मिलेगी। छोटे व्यापारियों के लिए नियम आसान होने से स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। साथ ही वेयरहाउसिंग, होटल और रिटेल सेक्टर में निवेश आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमों में यह संशोधन छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए राहतभरा कदम साबित हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सड़क चौड़ाई के पुराने नियम विकास में बाधा बन रहे थे।