NIAProbe – केरल में विस्फोटक बरामदगी मामले की जांच अब एनआईए के हाथों…
NIAProbe – केरल के मलप्पुरम जिले में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर जांच एजेंसियों का ध्यान खींच लिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने इस पूरे प्रकरण की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने मामले से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड को स्थानीय अदालत से कोच्चि स्थित विशेष एनआईए अदालत में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री की मात्रा और उसके संभावित उपयोग को देखते हुए विस्तृत जांच जरूरी मानी गई है।

प्याज से भरे ट्रक में छिपाकर रखे गए थे विस्फोटक
यह मामला फरवरी 2026 का है, जब मलप्पुरम जिले के तिरुरंगडी क्षेत्र के चेम्माड इलाके में पुलिस ने एक ट्रक से बड़ी संख्या में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बरामद किए थे। ट्रक ऊपर से प्याज की खेप से भरा हुआ था, जबकि नीचे कई बक्सों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ईंट निर्माण इकाई में संदिग्ध वाहन खड़ा है। इसके बाद छापेमारी की गई और जांच के दौरान ट्रक से हजारों की संख्या में जिलेटिन छड़ें और नॉन-इलेक्ट्रिक शॉक ट्यूब डेटोनेटर बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोटक सामग्री को सैकड़ों बक्सों में पैक कर सावधानी से छिपाया गया था ताकि सामान्य जांच में उसका पता न चल सके।
शुरुआती जांच में छह लोगों की गिरफ्तारी
स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि विस्फोटकों का इस्तेमाल कथित रूप से अवैध खनन गतिविधियों में किया जाना था। हालांकि बरामद सामग्री की मात्रा सामान्य मामलों की तुलना में काफी अधिक होने के कारण जांच एजेंसियों ने इसे गंभीर सुरक्षा मामला मानते हुए विस्तृत पड़ताल शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि विस्फोटक सामग्री कर्नाटक के बीजापुर इलाके से लाई गई थी। अब एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस सामग्री की आपूर्ति किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एनआईए करेगी सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच
एनआईए अब इस मामले में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी जल्द ही विशेष अदालत में आवेदन देकर हिरासत में पूछताछ की अनुमति मांग सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विस्फोटकों की खरीद, परिवहन और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी।
मामला विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इन धाराओं में ऐसी सामग्री रखने और परिवहन करने से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं, जिनसे जनजीवन और संपत्ति को खतरा हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है जब केरल में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हो। इससे कुछ समय पहले पलक्कड़ जिले में भी एक ट्रक से बड़ी संख्या में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर मिले थे। उस वाहन में ऊपर से फलों की खेप रखी गई थी ताकि सामग्री को छिपाया जा सके।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों का मानना है कि राज्यों के बीच विस्फोटक सामग्री की आवाजाही पर निगरानी और सख्त करने की जरूरत है, ताकि अवैध उपयोग और सुरक्षा जोखिमों को समय रहते रोका जा सके।