Politics – बंगाल चुनाव नतीजों के बाद टीएमसी ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल
Politics – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल करते हुए सत्ता परिवर्तन का दावा किया है और शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली है। चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

टीएमसी नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक लंबा बयान जारी करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिनसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हुआ है। हालांकि चुनाव आयोग या अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वोटर सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में दावा किया कि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर सूची से बाहर कर दिए गए थे। उनके अनुसार इस स्थिति ने चुनाव की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और कुछ सरकारी संस्थाओं का रवैया निष्पक्ष नहीं दिखाई दिया। टीएमसी नेता के मुताबिक लोकतांत्रिक संस्थाओं का काम सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार करना होता है, लेकिन चुनाव के दौरान कई घटनाओं ने लोगों के मन में संदेह पैदा किया।
ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
टीएमसी सांसद ने मतगणना और ईवीएम से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती, ईवीएम के रखरखाव और कंट्रोल यूनिट से संबंधित कुछ मामलों को लेकर पार्टी को शिकायतें मिली थीं।
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग दोहराई। उनका कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे संदेह दूर किए जा सकते हैं और जनता के सामने पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
चुनाव बाद हिंसा को लेकर भी जताई चिंता
अपने बयान में टीएमसी नेता ने चुनाव परिणामों के बाद हुई कथित हिंसा और राजनीतिक तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए और कई कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आईं।
उनके मुताबिक कुछ समर्थकों को सुरक्षा कारणों से अपने घर छोड़ने तक की नौबत आ गई। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक हिंसा और डर का माहौल चिंताजनक माना जाना चाहिए।
विपक्ष की भूमिका निभाने की बात कही
टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी आने वाले समय में विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक रणनीतियों का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।