Cooling – स्लीप मोड फीचर से एसी का बिल और ठंडक दोनों रहें संतुलित
Cooling – गर्मियों में रातभर एसी चलाना कई लोगों की जरूरत बन चुका है, लेकिन इसके साथ दो समस्याएं अक्सर सामने आती हैं। पहली, सुबह उठते समय जरूरत से ज्यादा ठंड महसूस होना और दूसरी, महीने के अंत में बढ़ा हुआ बिजली बिल। आमतौर पर लोग एसी को पूरी रात एक ही तापमान पर चलने देते हैं, जबकि देर रात के बाद मौसम थोड़ा ठंडा हो जाता है और कमरे की कूलिंग जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एयर कंडीशनर में दिया गया स्लीप मोड फीचर काफी उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह फीचर कमरे के तापमान को समय के हिसाब से संतुलित करता है और बिजली की खपत कम करने में मदद कर सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर इससे आरामदायक नींद के साथ बिजली बचत भी संभव है।
स्लीप मोड फीचर कैसे करता है काम
जब एसी में स्लीप मोड चालू किया जाता है, तो यह धीरे-धीरे तापमान को नियंत्रित तरीके से बढ़ाना शुरू कर देता है। आमतौर पर हर एक या दो घंटे में तापमान एक से दो डिग्री तक बढ़ाया जाता है। इसका उद्देश्य रात के दौरान कमरे को जरूरत से ज्यादा ठंडा होने से बचाना होता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि आधी रात के बाद बाहरी तापमान स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है। ऐसे में यदि एसी लगातार एक ही सेटिंग पर चलता रहे तो शरीर को अधिक ठंड महसूस हो सकती है। स्लीप मोड इस स्थिति को संतुलित रखता है और कमरे का तापमान आरामदायक बनाए रखने की कोशिश करता है।
बिजली बचाने में भी मददगार माना जाता है फीचर
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार एसी का कंप्रेसर जितना कम काम करेगा, बिजली की खपत उतनी ही कम होगी। स्लीप मोड में तापमान थोड़ा बढ़ने के कारण कंप्रेसर पर दबाव कम पड़ता है और इससे बिजली की बचत होती है।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि तापमान में हर एक डिग्री की बढ़ोतरी से बिजली खपत में लगभग 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। यही वजह है कि स्लीप मोड को लंबे समय तक एसी चलाने का किफायती विकल्प माना जाता है। इससे एसी लगातार पूरी क्षमता पर नहीं चलता और मासिक बिजली बिल नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
सही तापमान सेट करना भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि एसी को बहुत कम तापमान पर चलाना सेहत और बिजली दोनों के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता। सामान्य तौर पर 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान को सबसे संतुलित माना जाता है।
यदि कोई व्यक्ति पूरी रात एसी चलाना नहीं चाहता, तो टाइमर फीचर का उपयोग भी कर सकता है। इससे तय समय के बाद एसी अपने आप बंद हो जाता है। इसके अलावा एसी के साथ हल्का पंखा चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में तेजी से फैलती है और कूलिंग अधिक प्रभावी हो जाती है।
नियमित देखभाल से भी घट सकता है खर्च
एसी की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए उसकी नियमित सफाई और सर्विसिंग जरूरी मानी जाती है। गंदे फिल्टर होने पर एसी को कमरे को ठंडा करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीजन शुरू होने से पहले एसी की सर्विस जरूर करानी चाहिए। साथ ही कमरे को ठीक तरह से बंद रखना भी जरूरी है ताकि ठंडी हवा बाहर न जाए। इससे एसी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और उसकी कूलिंग क्षमता बेहतर बनी रहती है।