TrumpCase – यौन शोषण मामले में मुआवजे पर रोक चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप
TrumpCase – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेखिका ई जीन कैरोल को दिए जाने वाले भारी मुआवजे पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है। ट्रंप की कानूनी टीम ने न्यूयॉर्क की अपील अदालत में याचिका दाखिल कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की प्रक्रिया पूरी होने तक मुआवजे की राशि जारी नहीं की जानी चाहिए। यह मामला लंबे समय से यौन शोषण और मानहानि के आरोपों को लेकर चर्चा में बना हुआ है।

ई जीन कैरोल ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1996 में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंट स्टोर के ट्रायल रूम में ट्रंप ने उनके साथ गलत व्यवहार किया था। कई वर्षों बाद उन्होंने अपनी किताब में इस घटना का उल्लेख किया, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया।
किताब में आरोप सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
कैरोल ने वर्ष 2019 में प्रकाशित अपनी पुस्तक में कथित घटना का विस्तार से जिक्र किया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों पर इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। ट्रंप के बयानों के बाद कैरोल ने अदालत का रुख किया और कहा कि उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
मानहानि के इसी मामले ने बाद में कानूनी लड़ाई को और बड़ा रूप दे दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने कई दलीलें पेश कीं और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
अदालत के फैसले ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलें
मई 2023 में जूरी ने अपने फैसले में माना कि ट्रंप ने कैरोल के साथ यौन दुर्व्यवहार किया था और बाद में सार्वजनिक बयान देकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। उस समय अदालत ने कैरोल के पक्ष में पांच मिलियन डॉलर के मुआवजे का आदेश दिया था।
इसके बाद जनवरी 2024 में एक अन्य जूरी ने मानहानि मामले में अतिरिक्त 83 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का फैसला सुनाया। अदालत के इस आदेश के बाद ट्रंप की कानूनी टीम लगातार फैसले को चुनौती देने की कोशिश कर रही है।
ट्रंप ने आरोपों को बताया राजनीतिक
डोनाल्ड ट्रंप लगातार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि वे कैरोल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे और यह पूरा मामला राजनीतिक उद्देश्य से खड़ा किया गया। ट्रंप की ओर से पेश वकीलों का तर्क है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए दिए गए सार्वजनिक बयानों को कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
ट्रंप के वकील जस्टिन डी स्मिथ ने अदालत में कहा कि यदि अभी मुआवजे की राशि जारी कर दी गई और बाद में फैसला बदल गया, तो धन वापस लेना कठिन हो सकता है। उन्होंने यह भी दलील दी कि कैरोल पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह यह राशि दान में देने की योजना बना रही हैं।
कैरोल पक्ष ने रखी अतिरिक्त जमानत की मांग
वहीं, ई जीन कैरोल की कानूनी टीम ने अदालत से कहा है कि यदि ट्रंप को भुगतान पर अस्थायी राहत दी जाती है, तो उन्हें अतिरिक्त जमानत राशि जमा करनी चाहिए। कैरोल पक्ष का कहना है कि इससे ब्याज और अन्य वित्तीय दावों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
इस मामले की अगली सुनवाई और अदालत का रुख अब अमेरिकी राजनीति और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।