SportsJobs – राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को मिल सकती है सरकारी नौकरी
SportsJobs – राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार तैयारी कर रही है। राज्य के खिलाड़ियों ने इस बार 130 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद विभिन्न विभागों में उन्हें सीधी नियुक्ति देने पर विचार शुरू हो गया है। खास तौर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए शिक्षा विभाग में व्यायाम शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की संभावना तलाश की जा रही है।

खेल विभाग ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इसमें कुछ पदों के ग्रेड वेतन में बदलाव कर खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता आसान बनाने की बात कही गई है। सरकार की इस पहल को खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खिलाड़ियों को नौकरी देने की तैयारी
राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने पदक तालिका में उत्तराखंड को उल्लेखनीय स्थान दिलाया। राज्य इस बार 25वें स्थान से सीधे सातवें स्थान तक पहुंचा। इस उपलब्धि में योगदान देने वाले 243 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर देने की योजना बनाई जा रही है।
खेल विभाग चाहता है कि खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के तहत सीधे सरकारी नौकरी दी जाए। विभाग की कोशिश है कि इन पदों का सृजन खेल विभाग के अंतर्गत हो, लेकिन कार्मिक विभाग ने इस प्रस्ताव पर अलग राय रखी है। फिलहाल विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों को नियुक्ति देने का विकल्प तैयार किया जा रहा है।
स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए अलग चुनौती
सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त पद तय करने को लेकर सामने आ रही है। नियमों के अनुसार इन खिलाड़ियों के लिए 4200 ग्रेड वेतन वाले पदों की आवश्यकता है, जबकि कई विभागों में इस स्तर के पद सीमित हैं।
रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए खेल, युवा कल्याण, गृह, वन, माध्यमिक शिक्षा और परिवहन विभागों में 2000 और 2800 ग्रेड वेतन वाले पद उपलब्ध बताए जा रहे हैं। लेकिन स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पर्याप्त पद न होने से प्रक्रिया में तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं।
शिक्षा विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
खेल विभाग ने शिक्षा विभाग को सहायक अध्यापक व्यायाम के पदों से जुड़ा प्रस्ताव भेजा है। वर्तमान में इन पदों का ग्रेड पे 4600 है, जबकि स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए 4200 ग्रेड वेतन के अनुरूप पदों की जरूरत बताई जा रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए खेल विभाग ने इन पदों को डाउन ग्रेड करने का सुझाव दिया है। यदि शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो व्यायाम शिक्षक के कुछ पदों को 4200 ग्रेड वेतन में परिवर्तित कर खिलाड़ियों की नियुक्ति की जा सकेगी।
शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने बताया कि खेल विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है और विभागीय स्तर पर इसकी समीक्षा के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही इससे राज्य में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
खिलाड़ियों में बढ़ी उम्मीद
सरकारी नौकरी की संभावना से पदक विजेता खिलाड़ियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है। कई खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों में करियर बनाना आसान नहीं होता और सरकारी समर्थन मिलने से उन्हें भविष्य को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो अन्य राज्यों के लिए भी यह एक मॉडल बन सकती है। खेल और रोजगार को जोड़ने वाली ऐसी पहलें युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में मदद कर सकती हैं।