HealthTips – क्या सनस्क्रीन लगाने से शरीर में कम हो सकता है विटामिन-डी
HealthTips – गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोग त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल तेजी से करते हैं। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना जरूरी है ताकि सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाव हो सके। हालांकि, इसी के साथ एक सवाल अक्सर उठता है कि क्या नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से शरीर में विटामिन-डी की कमी हो सकती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन-डी शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह हड्डियों को मजबूत रखने, कैल्शियम के अवशोषण और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। शरीर में इसका निर्माण मुख्य रूप से सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने से होता है। ऐसे में कई लोग यह मान लेते हैं कि सनस्क्रीन धूप को रोककर विटामिन-डी बनने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।
क्या कहती हैं स्वास्थ्य रिपोर्ट्स
विशेषज्ञों के अनुसार, सनस्क्रीन त्वचा तक पहुंचने वाली यूवी किरणों की मात्रा को कम जरूर करती है, लेकिन सामान्य उपयोग के दौरान यह विटामिन-डी बनने की प्रक्रिया को पूरी तरह नहीं रोकती। स्वास्थ्य संस्थानों की कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अधिकांश लोग सनस्क्रीन इतनी मोटी परत में या इतनी बार नहीं लगाते कि शरीर में विटामिन-डी का निर्माण पूरी तरह बंद हो जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि रोजमर्रा की सामान्य धूप भी शरीर को आवश्यक मात्रा में विटामिन-डी उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त हो सकती है। सुबह के समय कुछ मिनट धूप में रहना अक्सर शरीर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
धूप और त्वचा सुरक्षा दोनों जरूरी
त्वचा विशेषज्ञ मानते हैं कि धूप से होने वाले नुकसान का खतरा कई बार विटामिन-डी की कमी से अधिक गंभीर हो सकता है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग, समय से पहले झुर्रियां और स्किन कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सनस्क्रीन त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे देशों में जहां गर्मियों के दौरान यूवी इंडेक्स काफी ऊंचा रहता है, वहां सनस्क्रीन का इस्तेमाल और भी जरूरी हो जाता है। यह त्वचा के कोलेजन को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है, जिससे त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ दिखाई देती है।
विटामिन-डी के अन्य स्रोत भी हैं उपलब्ध
डॉक्टर बताते हैं कि केवल धूप ही विटामिन-डी का एकमात्र स्रोत नहीं है। इसे कुछ खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है। फैटी फिश, दूध और विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में इसकी मात्रा बनाए रखने में मदद करते हैं।
हालांकि, जिन लोग धूप से पूरी तरह बचते हैं, हमेशा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनते हैं या लगातार बहुत ज्यादा एसपीएफ वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, उनमें विटामिन-डी की कमी का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को अपनी डाइट और स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
संतुलित दिनचर्या को माना गया बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धूप से बचाव और शरीर की पोषण जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है। सीमित समय तक धूप में रहना और जरूरत के अनुसार सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।