CensusUpdate – जनगणना 2027 तैयारियों की समीक्षा, कर्मचारियों को मिले सख्त निर्देश
CensusUpdate – जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर नगर प्रशासन ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर आयुक्त और प्रमुख जनगणना अधिकारी की अगुवाई में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अब तक की प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनगणना का कार्य तय समयसीमा के भीतर और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।

प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती पर जोर
बैठक के दौरान सभी चार्ज अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रगणक और सुपरवाइजर अब फील्ड में तैनात किए जा रहे हैं। उन्हें नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र वितरित किए जा चुके हैं या किए जा रहे हैं, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण प्रक्रिया को पहले ही पूरा कर लिया गया है, जिससे कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
नगर आयुक्त ने इस बिंदु पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी जब भी फील्ड में जाएं, तो अपने पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखें। यदि किसी घर के मालिक द्वारा पहचान संबंधी जानकारी मांगी जाती है, तो कर्मचारी को अपना परिचय स्पष्ट रूप से देना होगा और उसके बाद ही सूचीकरण से जुड़ा कार्य आगे बढ़ाना होगा।
नियमित कार्य के साथ संतुलन बनाने के निर्देश
जनगणना जैसे व्यापक कार्य के बीच कर्मचारियों के नियमित दायित्व भी प्रभावित न हों, इस पर भी बैठक में विशेष ध्यान दिया गया। नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित कर्मचारी अपने मूल कार्यों के साथ तालमेल बनाकर जनगणना के काम को प्राथमिकता दें।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए कर्मचारियों को नियमानुसार अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
अनुपस्थिति और लापरवाही पर सख्त रुख
बैठक में अनुशासन को लेकर भी कड़ा संदेश दिया गया। स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहता है या आवश्यक सामग्री जैसे प्रपत्र और बैग प्राप्त नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई संभव है। इस चेतावनी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें और कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें।
हेल्पलाइन और निगरानी व्यवस्था पर जोर
जनगणना प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए भारत सरकार की ओर से एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक और कर्मचारी दोनों अपनी समस्याएं या सवाल साझा कर सकते हैं।
इसके अलावा, सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना कार्य प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इससे उच्च अधिकारियों को वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
बैठक में नोडल अधिकारी, विभिन्न चार्ज अधिकारी और तकनीकी सहायक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की जानकारी साझा की। प्रशासन का कहना है कि इस बार जनगणना को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।