DalitPolitics – उत्तर प्रदेश में आठवले की पार्टी ने बढ़ाया जनाधार विस्तार अभियान
DalitPolitics – उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी अब खास तौर पर दलित समाज के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर लखनऊ में एक बड़े आयोजन की तैयारी की जा रही है। पार्टी ने इस रैली के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा है और इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

संविधान दिवस पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि लखनऊ में प्रस्तावित रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती का संकेत होगी। इसके लिए प्रदेश भर से कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने करीब एक लाख लोगों की उपस्थिति का लक्ष्य तय किया है, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि वह राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह रैली आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
संगठन विस्तार पर जोर
रामदास आठवले ने दावा किया है कि उनकी पार्टी ने प्रदेश के 62 जिलों में अपना संगठन खड़ा कर लिया है। उनका कहना है कि अब पार्टी का अगला कदम इन इकाइयों को और मजबूत करना और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी और राजनीतिक समीकरणों में भूमिका निभाने का प्रयास करेगी।
भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना
आठवले ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनावी रणनीति बना सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आगे की बातचीत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की योजना है। सीटों के बंटवारे और चुनावी सहयोग को लेकर चर्चा की जाएगी, जिससे आगामी चुनावों में बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
बसपा पर निशाना, नए समर्थन की कोशिश
पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि राज्य में उसकी स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। आठवले का कहना है कि उनकी पार्टी डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आधार बनाकर वंचित वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी अपनी बात जनता तक पहुंचा रही है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया
राजनीतिक बयानबाजी के बीच आठवले ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी की, खासकर महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर। उन्होंने कहा कि इस विषय पर स्पष्ट और ठोस रुख जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनावी माहौल में विभिन्न दल अपने-अपने तरीके से मुद्दों को उठाते हैं और अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है।
आगामी चुनावों की तैयारी
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की यह सक्रियता संकेत देती है कि वह भी चुनावी परिदृश्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के प्रयास में है। आने वाले समय में गठबंधन, रैलियां और संगठनात्मक गतिविधियां राज्य की राजनीति को और गतिशील बना सकती हैं।