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EconomyUpdate – सामाजिक योजनाओं से लेकर निवेश तक, कई क्षेत्रों में अहम बदलाव

EconomyUpdate – देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हाल के दिनों में उल्लेखनीय गतिविधियां सामने आई हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ने से लेकर कॉरपोरेट प्रदर्शन और रियल एस्टेट निवेश तक, अलग-अलग सेक्टर में नई दिशा देखने को मिल रही है। सरकार की नीतियों और बाजार की स्थितियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिशें भी साफ नजर आ रही हैं, जिससे आम लोगों और उद्योग दोनों को प्रभावित करने वाले संकेत मिलते हैं।

अटल पेंशन योजना का दायरा लगातार बढ़ा

केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल अटल पेंशन योजना ने एक अहम मुकाम हासिल कर लिया है। इस योजना से जुड़े सदस्यों की संख्या नौ करोड़ के पार पहुंच गई है, जो इसकी व्यापक स्वीकृति को दर्शाती है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक 1.35 करोड़ से अधिक नए लोगों ने इसमें नामांकन कराया है। योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, और हालिया आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।

सरकार का मानना है कि जागरूकता अभियान और आसान पंजीकरण प्रक्रिया ने इस योजना को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इसकी पकड़ विशेष रूप से बढ़ी है, जहां सामाजिक सुरक्षा विकल्प सीमित होते हैं।

टेक महिंद्रा के मुनाफे में बढ़ोतरी और लाभांश घोषणा

आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 1,353.8 करोड़ रुपये हो गया। इसके साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 36 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है, जिसका अंकित मूल्य पांच रुपये है।

हालांकि, इसी अवधि में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में गिरावट भी दर्ज की गई है। चौथी तिमाही के अंत तक कुल कर्मचारियों की संख्या घटकर 75,377 रह गई, जो पिछले आंकड़ों की तुलना में कम है। यह संकेत देता है कि कंपनी परिचालन दक्षता और लागत प्रबंधन पर ध्यान दे रही है।

रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश का नया रिकॉर्ड

वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान इस क्षेत्र में पूंजी निवेश 72 प्रतिशत बढ़कर 5.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का एक रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।

रियल एस्टेट सलाहकार संस्था सीबीआरई के अनुसार, इस निवेश में सबसे बड़ा योगदान डेवलपर्स का रहा, जिनकी हिस्सेदारी कुल निवेश का 42 प्रतिशत रही। इसके बाद रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का स्थान रहा, जिनका योगदान करीब 40 प्रतिशत रहा। खास बात यह है कि कुल निवेश का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा घरेलू निवेशकों से आया, जो भारतीय बाजार में भरोसे को दर्शाता है।

इंडक्शन चूल्हों पर टैक्स और शुल्क में राहत पर विचार

सरकार घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इंडक्शन चूल्हों से जुड़े उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने की संभावना पर विचार कर रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है।

इसी संदर्भ में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इंडक्शन चूल्हों पर लागू जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है। इस कदम का उद्देश्य इन उत्पादों को अधिक किफायती बनाना और उनकी मांग को बढ़ाना है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने इस विषय पर विभिन्न मंत्रालयों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ चर्चा भी की है।

ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर सरकार का फोकस

ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन और गैस की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। इन उपायों का उद्देश्य किसी भी संभावित संकट की स्थिति में आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित होने से बचाना है।

सरकार का प्रयास है कि ऊर्जा से जुड़े जरूरी संसाधन उपलब्ध रहें और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है, ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

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