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HeatwaveAlert – अप्रैल में बढ़ती गर्मी से दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा हीट स्ट्रोक खतरा

HeatwaveAlert – अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है और तेज धूप के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है।

गर्मी के साथ बढ़ रहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही लोगों में थकान, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर उन इलाकों में जहां संसाधनों की कमी है, वहां हालात और चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए यह मौसम और अधिक कठिन साबित हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन बढ़ती गर्मी उनके लिए आराम और पर्याप्त नींद लेना भी मुश्किल बना रही है।

मार्च से ही दिखने लगे थे गर्मी के संकेत

मौसम से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 पहले ही असामान्य रूप से गर्म रहा है और इसे अब तक के सबसे गर्म महीनों में गिना गया है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। इससे हीट वेव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है, जो आम लोगों के साथ-साथ बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक किसी को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ वर्ग ऐसे हैं जिनमें इसका खतरा अधिक होता है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस जोखिम में सबसे आगे हैं क्योंकि उनके शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। इसके अलावा वे लोग जो लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, जैसे मजदूर, किसान, ट्रैफिक पुलिस या डिलीवरी कर्मी, उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण और खतरे

हीट स्ट्रोक को एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति माना जाता है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, सिर दर्द या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में शरीर का पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा लाल या सूखी हो जाती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति हृदय और किडनी से जुड़ी जटिलताओं को जन्म दे सकती है।

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मी के इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। हल्के और ढीले कपड़े पहनना, सिर को ढककर रखना और समय-समय पर आराम करना भी जरूरी है। यदि किसी में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

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