ElectionCode – बाली में धार्मिक कार्यक्रम को लेकर बढ़ा सियासी विवाद
ElectionCode – पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की बाली विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल के बीच एक नए विवाद ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तृणमूल कांग्रेस के एक उम्मीदवार पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप लगा है, जिसे लेकर चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित लोगों से पूछताछ की।

शिकायत के बाद सक्रिय हुआ चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद टीम केंद्रीय बलों के साथ स्थल पर पहुंची और कार्यक्रम की प्रकृति को समझने की कोशिश की। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का पालन हो।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि बाली से तृणमूल उम्मीदवार कैलाश मिश्रा ने मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से ‘नाम-संकीर्तन’ का आयोजन कराया। भाजपा उम्मीदवार संजय सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित किया गया और इसमें उम्मीदवार की मौजूदगी और नाम का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि इस तरह के आयोजन चुनाव नियमों के खिलाफ हैं।
तृणमूल ने आरोपों को बताया निराधार
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपक्ष मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और धार्मिक गतिविधियों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उम्मीदवार कैलाश मिश्रा ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक सामान्य धार्मिक आयोजन था, जिसमें स्थानीय लोग शामिल हुए थे।
अनुमति को लेकर उठे सवाल
घटना के दौरान मंच पर लगे बैनर और कार्यक्रम से जुड़े विवरण को लेकर भी सवाल उठे हैं। चुनाव आयोग के नियमों के तहत चुनाव के दौरान धार्मिक आयोजनों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू होते हैं और बिना अनुमति ऐसे कार्यक्रम करना नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने आयोजकों से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे हैं।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, बाली क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय स्तर पर भी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। विभिन्न दलों के नेता लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा और अधिक तीखी होती जा रही है।
अंतिम निर्णय का इंतजार
फिलहाल इस मामले में चुनाव आयोग की जांच जारी है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बाली विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है, ऐसे में इस विवाद का असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।



