AirChinaFlight – बीजिंग-प्योंगयांग के बीच फिर प्रारंभ हुई सीधी उड़ान सेवा
AirChinaFlight – चीन और उत्तर कोरिया के बीच लंबे अंतराल के बाद हवाई संपर्क फिर से बहाल हो गया है। चीन की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर चाइना ने सोमवार को बीजिंग और प्योंगयांग के बीच सीधी उड़ान सेवा दोबारा शुरू कर दी। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क और धीरे-धीरे सामान्य हो रहे यातायात का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले हाल ही में दोनों देशों के बीच यात्री ट्रेन सेवा भी बहाल की गई थी, जिससे आवागमन के विकल्प बढ़े हैं।

राजनयिकों ने किया उड़ान का स्वागत
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, प्योंगयांग पहुंची पहली उड़ान का स्वागत वहां मौजूद चीन के राजदूत वांग याजुन और अन्य अधिकारियों ने किया। इस मौके को दोनों देशों के बीच सहयोग और संपर्क में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। उड़ान सेवा की बहाली से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों में भी नई गति आने की उम्मीद है।
कोविड के बाद धीरे-धीरे खुल रहा रास्ता
कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद चीन और उत्तर कोरिया के बीच हवाई और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई थीं। उत्तर कोरिया ने उस समय विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर भी सख्त रोक लगा दी थी। हालांकि, बीते कुछ समय में स्थिति बदलती दिख रही है। उत्तर कोरिया की राष्ट्रीय एयरलाइन ने 2023 में ही सीमित उड़ानें शुरू कर दी थीं, और अब चीन की ओर से भी सेवाएं बहाल होने लगी हैं।
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ सकती है गतिविधि
महामारी से पहले उत्तर कोरिया जाने वाले विदेशी पर्यटकों में बड़ी संख्या चीन से आने वालों की होती थी। अनुमान के अनुसार, कुल पर्यटकों में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी चीनी नागरिकों की थी। ऐसे में सेवाओं के दोबारा शुरू होने से पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात स्थिर रहे, तो आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या में तेजी आ सकती है।
रूस के बाद अब चीन से बढ़ेगा आवागमन
पिछले वर्ष उत्तर कोरिया ने रूस से आने वाले पर्यटकों के लिए भी दरवाजे खोले थे, जिसके बाद कुछ समूहों ने वहां यात्रा की। अब चीन से भी यातायात शुरू होने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर कोरिया की पहुंच फिर से बढ़ती दिख रही है। हालांकि, यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है और अभी भी कई प्रतिबंध पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
दोनों देशों के रिश्तों की अहम भूमिका
चीन और उत्तर कोरिया के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। चीन, उत्तर कोरिया का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और कई मामलों में उसका अहम सहयोगी भी माना जाता है। हालांकि, कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी सामने आते रहे हैं, खासकर मिसाइल परीक्षणों को लेकर। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग बनाए रखने की कोशिश लगातार जारी है।
हाल ही में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का बीजिंग दौरा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना गया था, जहां उन्होंने एक बड़े सैन्य आयोजन में भाग लिया।
इस तरह हवाई और रेल सेवाओं की बहाली को केवल यातायात सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।



