LPGShortage – खूंटी में गैस संकट से अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित
LPGShortage – झारखंड की राजधानी रांची में एलपीजी आपूर्ति अब सामान्य होने की ओर बढ़ रही है, लेकिन पड़ोसी खूंटी जिले में हाल ही में गैस की कमी ने गंभीर हालात पैदा कर दिए। इस संकट का असर सबसे ज्यादा खूंटी सदर अस्पताल में देखने को मिला, जहां मरीजों के लिए भोजन तैयार करने में दिक्कतें सामने आईं। अस्पताल प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा।

लकड़ी और कोयले के चूल्हों का सहारा
गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्पताल के किचन में एलपीजी की जगह लकड़ी और कोयले के चूल्हों का उपयोग करना पड़ा। इस व्यवस्था में भोजन तैयार करने में सामान्य से अधिक समय लगने लगा। साथ ही, धुएं के कारण रसोईघर का वातावरण भी प्रभावित हुआ, जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
मरीजों को समय पर भोजन देने में दिक्कत
इस स्थिति का सीधा असर मरीजों पर पड़ा। विशेष रूप से एमसीएच वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को समय पर भोजन नहीं मिल सका। अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए नियमित और समय पर भोजन बेहद जरूरी होता है, लेकिन गैस की कमी ने इस व्यवस्था को प्रभावित कर दिया।
पहले दी गई थी सूचना, समाधान में देरी
रसोई कर्मचारियों के अनुसार, गैस की कमी की जानकारी पहले ही अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई थी। इसके बावजूद समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई। मजबूरी में लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ा, जिससे कामकाज में देरी और कठिनाई दोनों बढ़ गईं।
आम लोगों को भी झेलनी पड़ी परेशानी
गैस की किल्लत केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रही। स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि एलपीजी सिलेंडर के लिए उन्हें घंटों तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। कई परिवारों को मजबूरी में पारंपरिक चूल्हों का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।
अब स्थिति में सुधार, आपूर्ति बहाल
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह समस्या कुछ दिनों तक ही रही और अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। उपाधीक्षक आनंद उरांव ने बताया कि गैस की आपूर्ति बहाल कर दी गई है और मरीजों के लिए भोजन फिर से नियमित रूप से एलपीजी पर ही तैयार किया जा रहा है।
भविष्य के लिए सुधार की जरूरत
इस घटना ने आपूर्ति व्यवस्था में मौजूद कमियों को उजागर किया है। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ है कि आवश्यक सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखना जरूरी है, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में सेवाएं प्रभावित न हों।