Infrastructure – नौ वर्षों में यूपी में विकास और कनेक्टिविटी का नया अध्याय
Infrastructure – उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों के दौरान हुए बदलावों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो चुका है, जो प्रदेश की बढ़ती कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों का संकेत देता है। उनके अनुसार, यह बदलाव योजनाबद्ध विकास और बुनियादी ढांचे पर लगातार किए गए निवेश का परिणाम है।

मेट्रो और रैपिड रेल से शहरों को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सात प्रमुख शहरों—लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हाल ही में मेरठ—में मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेरठ में मेट्रो का उद्घाटन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, दिल्ली से मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल सेवा शुरू होना क्षेत्रीय परिवहन के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल यात्रा का समय घटा है, बल्कि व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
वाराणसी बना आधुनिक परियोजनाओं का केंद्र
योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में चल रही परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां देश का पहला रोपवे निर्माणाधीन है। इसके अलावा, वाराणसी से हल्दिया के बीच विकसित इनलैंड वाटरवे ने जल परिवहन को नई दिशा दी है। यह परियोजना न केवल माल परिवहन को सस्ता और सुगम बनाती है, बल्कि पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को भी गति देती है।
हवाई कनेक्टिविटी में भी बड़ा विस्तार
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 16 घरेलू और चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जेवर में बन रहे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रण भेजा गया है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “नव निर्माण के 9 वर्ष” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में हुआ परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम जनता की सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने इसे 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया।
2017 से पहले की स्थिति पर भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान उपलब्धियों को समझने के लिए 2017 से पहले की परिस्थितियों को याद करना जरूरी है। उस समय प्रदेश को कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जूझना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि उस दौर में न केवल महिलाएं और व्यापारी असुरक्षित महसूस करते थे, बल्कि युवाओं के सामने रोजगार और पहचान का भी संकट था। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और अवसरों की असमानता के कारण बड़ी संख्या में युवा पलायन करने को मजबूर थे।
विकास और सुशासन की नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। उन्होंने इसे विकास, बेहतर कानून व्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचे का परिणाम बताया। उनके अनुसार, राज्य अब निवेश और रोजगार के लिए एक उभरते केंद्र के रूप में सामने आ रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में और व्यापक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।



