Navratri – कंजक पूजन में मैगी-बर्गर परोसने पर छिड़ी बहस, देखें वीडियो
Navratri – चैत्र नवरात्रि के दौरान कंजक पूजन से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में पारंपरिक हलवा-पूरी और काले चने की जगह बच्चों को मैगी और छोटे बर्गर परोसते हुए दिखाया गया है। आमतौर पर यह पूजा पारंपरिक व्यंजनों के साथ ही की जाती है, ऐसे में इस अलग अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि छोटी कन्याएं अपने सामने रखे इस खाने को देखकर खुश नजर आती हैं, जो इस पूरे मामले को और चर्चा में ला रहा है।

परंपरा से अलग हटकर अपनाया गया नया तरीका
नवरात्रि के अष्टमी या नवमी के दिन कंजक पूजन का विशेष महत्व होता है, जिसमें कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है। वर्षों से इस पूजा में हलवा, पूरी और चने का प्रसाद दिया जाता रहा है। हालांकि वायरल हो रहे इस वीडियो में एक परिवार ने बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेन्यू बदल दिया। परिवार का मानना था कि यदि बच्चों को वही दिया जाए जो उन्हें वास्तव में पसंद है, तो वे ज्यादा खुश होंगी और यही इस पूजा का मुख्य उद्देश्य भी है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स की राय दो हिस्सों में बंटती नजर आई। एक वर्ग का कहना है कि पूजा में भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनके मुताबिक, अगर कन्याएं खुश हैं और सम्मान के साथ भोजन कराया जा रहा है, तो यह भी उतना ही मान्य है जितना पारंपरिक तरीका। कई लोगों ने इसे समय के साथ बदलती सोच का हिस्सा भी बताया।
परंपरा और सेहत को लेकर उठे सवाल
दूसरी ओर, कुछ लोग इस बदलाव को लेकर असहमत नजर आए। उनका मानना है कि धार्मिक परंपराओं का अपना महत्व होता है और उन्हें यूं बदलना सही नहीं है। साथ ही, कुछ यूजर्स ने बच्चों को फास्ट फूड परोसने को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी जताई। उनका कहना है कि ऐसे अवसरों पर पौष्टिक और पारंपरिक भोजन ही उचित रहता है।
बच्चों की खुशी बनी चर्चा का केंद्र
पूरे विवाद के बीच एक बात जिस पर लगभग सभी की नजर गई, वह थी बच्चों की खुशी। वीडियो में दिखाई दे रही कन्याओं के चेहरे की मुस्कान ने इस चर्चा को और भावनात्मक बना दिया। कुछ लोगों ने इसे इस रूप में देखा कि बदलते समय के साथ परंपराओं में भी लचीलापन आ सकता है, बशर्ते मूल भावना बनी रहे।



