Kidnapping for Forced Marriage: प्रेमिका ने शादी से किया इनकार, तो मासूम को मोहरा बनाकर फुर्र हो गया प्रेमी, फिर…
Kidnapping for Forced Marriage: बिहार के एक युवक ने प्यार को इस कदर जुनून में बदल दिया कि उसने एक मां की ममता और कानून, दोनों को चुनौती दे डाली। हेमंत कुमार नामक यह युवक दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचा था, लेकिन उसका मकसद सिर्फ मुलाकात नहीं बल्कि (Obsessive Relationship Dynamics) उस पर शादी के लिए दबाव बनाना था। जब महिला ने अपने परिवार और बच्चे की दुहाई देते हुए इनकार किया, तो प्रेमी ने एक ऐसी साजिश रची जिसने दिल्ली से लेकर कानपुर तक पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।

खिलौने के बहाने मासूम का अपहरण
गुस्से में पागल हेमंत ने अपना आपा खो दिया और उसने एक साल के मासूम बच्चे को अपनी सनक का शिकार बनाया। उसने बच्चे को खिलौना दिलाने का लालच दिया और घर से बाहर ले जाकर उसे (Kidnapping for Forced Marriage) सीधे दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा दिया। यह घटना दिखाती है कि कैसे एकतरफा जिद इंसान को अपराधी बनाने पर उतारू कर देती है। बच्चा घर से गायब था और मां को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिसे वह अपना प्रेमी समझ रही थी, वही उसके कलेजे के टुकड़े का सौदा कर चुका है।
विक्रमशिला एक्सप्रेस और वो ‘झूठा’ बहाना
आरोपी हेमंत बच्चे को लेकर विक्रमशिला एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सवार हो गया। ट्रेन में सफर के दौरान बच्चा लगातार रो रहा था, जिसे चुप कराने के लिए वह चिप्स और बिस्कुट का सहारा ले रहा था। जब आसपास के यात्रियों ने (Human Trafficking Suspicions) शक के आधार पर उससे बच्चे की मां के बारे में पूछा, तो उसने बड़ी चतुराई से झूठ बोला कि मां बीमार है और वह बच्चे को उसकी दादी के पास छोड़ने जा रहा है। भीड़भाड़ वाली बोगी में किसी को अंदाजा नहीं था कि गोद में छिपा यह बच्चा किडनैप किया गया है।
फोन पर दी गई वो दहला देने वाली धमकी
जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं लौटा, तो महिला ने हेमंत को फोन किया। उस वक्त हेमंत ने जो कहा, उसने मां के पैरों तले जमीन खिसका दी। उसने साफ तौर पर (Criminal Intimidation Acts) धमकी दी कि अगर महिला को अपना बच्चा वापस चाहिए, तो उसे बिहार आकर उससे शादी करनी होगी। उसने शर्त रखी कि बच्चा तभी मिलेगा जब वह दिल्ली छोड़कर उसके साथ रहने को तैयार होगी। इस ब्लैकमेलिंग ने एक प्रेम संबंध को पूरी तरह से फिरौती और अपहरण के अपराध में तब्दील कर दिया।
दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और हाई-अलर्ट
महिला ने बिना वक्त गंवाए नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरी आपबीती सुनाई। दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टेक्निकल सर्विलांस और (Swift Police Action) का सहारा लिया। जैसे ही पता चला कि आरोपी विक्रमशिला एक्सप्रेस से बिहार की ओर निकल चुका है, दिल्ली पुलिस ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही ट्रेन के अगले बड़े स्टॉपेज यानी कानपुर सेंट्रल पर जाल बिछा दिया गया ताकि अपराधी किसी भी हाल में बचकर न निकल सके।
कानपुर सेंट्रल पर आरपीएफ का ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’
रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर जैसे ही विक्रमशिला एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल पहुंची, आरपीएफ की टीम ने पूरी सतर्कता के साथ जनरल कोच की घेराबंदी कर ली। पुलिस की टीम को देखते ही (Train Security Operations) के दौरान हेमंत ने बच्चे को भीड़ में छिपाने की कोशिश की। उसकी संदिग्ध हरकतों ने पुलिस का शक यकीन में बदल दिया। जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और मासूम को उसकी सुरक्षित गिरफ्त से बाहर निकाला।
थाने में चला आरोपी का हाई-वोल्टेज ड्रामा
पकड़े जाने के बाद भी हेमंत अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। कानपुर आरपीएफ थाने में उसने काफी देर तक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि (False Identity Claims) के तहत बच्चा उसी का है और वह उसे घर ले जा रहा है। हालांकि, जब दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई शिकायत और महिला के बयानों का सामना कराया गया, तो उसका झूठ टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
प्यार नहीं, यह तो सीधे तौर पर अपराध है
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका एकमात्र उद्देश्य महिला को मजबूर करना था ताकि वह बिहार आकर उसके साथ रहे। उसने बच्चे को एक (Emotional Blackmail Strategy) के तौर पर इस्तेमाल किया। यह मामला समाज के उस डरावने चेहरे को उजागर करता है जहां प्रेम के नाम पर हिंसा और अपराध को जायज ठहराने की कोशिश की जाती है। पुलिस अब हेमंत के खिलाफ अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मां की ममता और पुलिस की जीत
बच्चे की बरामदगी के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम कानपुर के लिए रवाना हो गई है ताकि आरोपी और बच्चे को वापस लाया जा सके। इस पूरी घटना में (Interstate Police Coordination) की भूमिका सराहनीय रही, जिसकी वजह से एक मासूम की जान बच सकी। अब हेमंत को अपने किए की सजा सलाखों के पीछे भुगतनी होगी, जबकि उस पीड़ित मां को उसका बच्चा वापस मिल गया है, जो घंटों से बदहवास हालत में थी।



