WomenReservation – नारी शक्ति वंदन कानून से महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा
WomenReservation – देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक विधायी बदलाव नहीं है, बल्कि देश के भविष्य को नई दिशा देने वाला निर्णायक कदम है। उनके अनुसार, लंबे समय से जिस बदलाव की प्रतीक्षा की जा रही थी, अब वह साकार होता दिखाई दे रहा है और इससे महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक सशक्त भूमिका मिलेगी।

महिलाओं के आत्मविश्वास और सम्मान को मिलेगा बल
सम्मेलन में बोलते हुए सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह कानून महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्षों से महिलाएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देती रही हैं, लेकिन अब उन्हें नीति निर्माण में भी बराबर का अवसर मिलेगा। उनके मुताबिक, यह बदलाव महिलाओं को केवल मतदाता के रूप में सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने वाली भूमिका में स्थापित करेगा।
नीति निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
केंद्रीय राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 के बाद से केंद्र सरकार की कई योजनाओं और नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहकर उनके निर्माण और क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस कानून के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ेगी, जिससे विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अधिक संतुलित दृष्टिकोण सामने आएगा।
सामाजिक प्रतिनिधित्व को मिलेगी नई मजबूती
उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम समाज के हर वर्ग, खासकर महिलाओं और बच्चों की आवाज को और मजबूत बनाएगा। जब निर्णय लेने वाली संस्थाओं में विविधता बढ़ेगी, तो समाज के अलग-अलग वर्गों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। इससे नीतियां अधिक समावेशी और प्रभावी बनेंगी, जो देश के समग्र विकास में सहायक होंगी।
व्यक्तिगत अनुभव से साझा किया भरोसा
सावित्री ठाकुर ने अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि अवसर मिलने पर साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाएं भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का उदाहरण बताते हुए कहा कि सही मंच और अवसर मिलने से कोई भी महिला आगे बढ़ सकती है। उनका यह बयान सम्मेलन में मौजूद लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा।
भविष्य के लिए मजबूत आधार
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। उनके अनुसार, यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगी। इससे देश में महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक सशक्त बनेगी।