Weather – उत्तराखंड में आठ अगस्त तक बारिश के आसार, कई जिलों के लिए जारी हुआ यलो अलर्ट
Weather– उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल थमने के संकेत नहीं दे रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तेज हो सकता है। इसके साथ बिजली चमकने और गर्जन की भी संभावना है। ऐसे मौसम को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।
आठ अगस्त तक बना रह सकता है बारिश का सिलसिला
पूर्वानुमान के मुताबिक, पूरे उत्तराखंड में आठ अगस्त तक रुक-रुककर वर्षा होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जा रही है।
रविवार को पहाड़ों में ठंडक, मैदानी इलाकों में गर्मी
रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुककर हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। दूसरी ओर मैदानी इलाकों में वर्षा कम होने के कारण उमस और गर्मी का असर महसूस किया गया। मौसम में इस अंतर का प्रभाव राज्य के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिला।
देहरादून में हल्की वर्षा हुई दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। शहर का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था। राज्य के अन्य कई क्षेत्रों में भी मौसम का लगभग यही स्वरूप देखने को मिला।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचना चाहिए। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट का पालन करने की सलाह दी गई है। खराब मौसम की स्थिति में यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन से मार्ग की जानकारी लेना सुरक्षित माना जा रहा है।