उत्तराखण्ड

Uttarkashi News: उत्तरकाशी के सिल्ला गांव में गौशाला में भीषण अग्निकांड, छह मवेशियों की जलकर मौत

Uttarkashi News: उत्तरकाशी जनपद की भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत आने वाले सिल्ला गांव से आज सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक ग्रामीण की छानी (पशुशाला) में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस दुखद हादसे में छानी के भीतर बंधे आधा दर्जन मवेशी जिंदा जल गए, जिससे प्रभावित परिवार को भारी आर्थिक और भावनात्मक क्षति हुई है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।

Uttarkashi News: उत्तरकाशी के सिल्ला गांव में गौशाला में भीषण अग्निकांड, छह मवेशियों की जलकर मौत
Uttarkashi News: उत्तरकाशी के सिल्ला गांव में गौशाला में भीषण अग्निकांड, छह मवेशियों की जलकर मौत
WhatsApp Group Join Now

बेजुबानों के लिए काल बनी आग, छह पशुओं की हुई मौत

राजस्व उप निरीक्षक भेलाटिपरी से मिली जानकारी के अनुसार, यह आग गांव के निवासी शैलेंद्र पुत्र मंगल सिंह की गौशाला में लगी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि भीतर मौजूद पशुओं को बाहर निकालने का समय ही नहीं मिल सका। इस भीषण अग्निकांड में एक भैंस, तीन बैल, एक गाय और एक बछड़े की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई। कुल छह पशुधन की हानि की पुष्टि आधिकारिक रूप से की गई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गौशाला की पूरी संरचना को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन और पशु चिकित्सा टीम ने किया घटनास्थल का दौरा

हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व उप निरीक्षक और पशु चिकित्सा विभाग की टीम तत्काल सिल्ला गांव पहुंची। टीम ने प्रभावित पशुपालक से मुलाकात की और घटनास्थल का मुआयना किया। पशु चिकित्सकों ने मृत मवेशियों का पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी मुआवजा दिलाया जा सके। राजस्व विभाग की टीम आग लगने के कारणों की भी बारीकी से जांच कर रही है।

प्रभावित परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

पहाड़ी क्षेत्रों में पशुधन ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। एक साथ छह मवेशियों के मारे जाने से शैलेंद्र सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। गाय, भैंस और बैलों के चले जाने से न केवल दूध का उत्पादन प्रभावित होगा, बल्कि खेती-बाड़ी के कार्यों पर भी संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द उचित राहत राशि प्रदान की जाए ताकि वे इस भारी नुकसान से उबर सकें।

पर्वतीय क्षेत्रों में गौशालाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में बनी गौशालाओं और छानियों की अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर घास-फूस और लकड़ी से बनी इन संरचनाओं में आग लगने पर नुकसान की संभावना बहुत अधिक होती है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे पशुशालाओं के आसपास आग जलाने या ज्वलनशील पदार्थ रखने में सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की अनहोनी को रोका जा सके। फिलहाल, गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीण पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.