Uttarakhand New Year Safety Rules: पहाड़ों की वादियों में जरा सी लापरवाही पड़ेगी भारी, जानें क्या है सरकार का सख्त फरमान…
Uttarakhand New Year Safety Rules: नए साल का आगाज करने के लिए देशभर से हजारों सैलानियों ने उत्तराखंड के मनमोहक पर्यटन स्थलों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। मसूरी की हसीन वादियों और नैनीताल की झीलों के किनारे थर्टी फर्स्ट मनाने की चाहत में पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है। राज्य सरकार ने इस (Tourist Crowd Management) को देखते हुए कमर कस ली है ताकि शांति और सुरक्षा बनी रहे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जश्न के शोर में कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े और हर कोई सुरक्षित तरीके से नए साल का स्वागत कर सके।

शराब पीकर ड्राइविंग करने वालों की खैर नहीं
उत्तराखंड सरकार ने साफ कर दिया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। इसके लिए पुलिस और आरटीओ विभाग को विशेष (Drunk Driving Check) अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। थर्टी फर्स्ट और 1 जनवरी को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सड़कों पर हुड़दंग मचाने वालों और नशे में धुत्त होकर ड्राइविंग करने वालों को रोकने के लिए चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां गहन तलाशी ली जाएगी।
भारी जुर्माना और जेल की हवा खाने को रहें तैयार
नियम तोड़ने वालों के लिए (Uttarakhand New Year Safety Rules) इस बार सजा का प्रावधान काफी कड़ा रखा गया है, जिसे जानकर किसी के भी पसीने छूट सकते हैं। यदि कोई चालक नशे में पकड़ा जाता है, तो उसे 10 हजार रुपये तक का (Heavy Traffic Fine) भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, गंभीर मामलों में 6 महीने तक की जेल की सजा भी दी जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।
हाई-टेक अल्कोमीटर से होगी गुनहगारों की पहचान
देहरादून के उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, इस विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने 45 नए और आधुनिक अल्कोमीटर खरीदे हैं। इन उपकरणों की मदद से (Alcohol Breath Test) मौके पर ही किया जा सकेगा, जिससे संदिग्ध चालकों की तत्काल जांच संभव होगी। रिपोर्ट में शराब की पुष्टि होते ही चालान काटकर मामला सीधे कोर्ट भेजा जाएगा। यह तकनीक पुलिस को भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से काम करने में मदद करेगी।
प्रमुख पर्यटक स्थलों पर तैनात होंगी आरटीओ की विशेष टीमें
मसूरी और नैनीताल जैसे व्यस्त रूटों पर परिवहन विभाग ने अपनी विशेष टीमें तैनात करने का निर्णय लिया है। इन टीमों का मुख्य काम (Overspeeding Monitoring) और रैश ड्राइविंग पर अंकुश लगाना होगा। इसके साथ ही बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने और ट्रिपलिंग करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इन मार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार चेकिंग की जानी अनिवार्य है।
यातायात नियमों का पालन करने वालों को मिलेगा ‘गुलाबी’ सम्मान
उत्तराखंड प्रशासन का यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जागरूकता फैलाने का भी एक जरिया है। जो चालक पूरी जिम्मेदारी के साथ (Safe Driving Practice) का पालन करते हुए पाए जाएंगे, उन्हें पुलिस की ओर से फूल देकर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के लिए शुरू की गई है, ताकि लोग डर से नहीं बल्कि स्वेच्छा से नियमों का सम्मान करें और सुरक्षित सफर का आनंद उठाएं।
दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान का पूरा खाका
यह सघन चेकिंग अभियान 31 दिसंबर की सुबह से शुरू होकर 1 जनवरी की देर रात तक जारी रहेगा। विभाग ने दिन के साथ-साथ रात के समय भी (Night Surveillance Strategy) तैयार की है, क्योंकि जश्न के दौरान अक्सर रात में ही दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। संवेदनशील चौराहों और क्लबों-होटलों के बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। लाइटों और बैरिकेडिंग के जरिए संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग की जनता से मर्मस्पर्शी अपील
परिवहन विभाग ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नए साल की खुशियों को जिम्मेदारी के साथ मनाएं। अधिकारियों का कहना है कि (Road Safety Awareness) केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके जश्न को मातम में बदल सकती है, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए गति सीमा का पालन करें और शराब को ड्राइविंग से दूर रखें।
सुरक्षित उत्तराखंड और सुखद भविष्य का संकल्प
अंततः, सरकार की इन तमाम कोशिशों का लक्ष्य केवल एक ही है—एक सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त उत्तराखंड। नए साल पर (Zero Accident Goal) को प्राप्त करने के लिए पुलिस और जनता के बीच आपसी सहयोग बहुत जरूरी है। पहाड़ों की वादियों में बर्फबारी और ठंड के बीच यातायात नियमों का पालन करना ही आपके सफर को यादगार बनाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता राजस्व नहीं, बल्कि हर इंसान की अनमोल जान की सुरक्षा है।



