उत्तराखण्ड

TravelUpdate – केदारनाथ धाम के कपाट खुले, गूंजे जयकारों से पर्वत

TravelUpdate – आज सुबह ठीक आठ बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी आंखों से देखा। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई यह यात्रा एक बार फिर हिमालय की वादियों में आस्था का उत्सव लेकर आई है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह का माहौल

कपाट खुलने के मौके पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई लोग पिछले कुछ दिनों से धाम में डेरा डाले हुए थे ताकि वे इस खास क्षण का हिस्सा बन सकें। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण और भी भव्य और आध्यात्मिक लग रहा था। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करते नजर आए और भक्ति का रंग हर ओर दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री ने पत्नी संग की विशेष पूजा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर अपनी पत्नी के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य के लोगों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि केदारनाथ सहित चारधाम राज्य की पहचान हैं और सरकार का प्रयास है कि हर यात्री को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव मिले। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।

यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार सतर्क

राज्य सरकार ने इस बार यात्रा को सुचारु बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, साफ पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम समय से पूरे किए जाएं। प्रशासन की कोशिश है कि यात्रा बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलती रहे।

पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

कपाट खुलने के साथ ही सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। यह परंपरा पिछले कुछ वर्षों से जारी है, जिसमें देश की सुख-शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। प्रधानमंत्री ने भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की है, जिनमें स्वच्छता, प्रकृति संरक्षण और स्थानीय परंपराओं का सम्मान शामिल है।

भव्य सजावट और पुष्प वर्षा ने बढ़ाई शोभा

इस बार केदारनाथ मंदिर को करीब 51 कुंतल फूलों से सजाया गया, जिसने पूरे परिसर को एक अलग ही दिव्यता प्रदान की। कपाट खुलने के समय हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा भी की गई, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया। यह दृश्य देखने लायक था और हर किसी के मन में भक्ति की भावना को और गहरा कर गया।

पंचमुखी डोली की यात्रा का समापन

कपाट खुलने से एक दिन पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम पहुंची थी। यह डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर लगभग 17 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर धाम पहुंची। रास्ते में जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप जैसे पड़ावों से गुजरते हुए यह यात्रा पूरी हुई। इस पारंपरिक यात्रा को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्ग में मौजूद रहे।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है, जिससे पूरा क्षेत्र फिर से आस्था और भक्ति के रंग में रंग जाएगा।

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