TehriLakeFestival – टिहरी झील किनारे हिमालयन 0.2 महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
TehriLakeFestival – उत्तराखंड के टिहरी क्षेत्र में पर्यटन, साहसिक खेल और स्थानीय संस्कृति को एक साथ मंच देने वाले ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ की शुरुआत भव्य आयोजन के साथ हुई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए इसे राज्य के पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकती है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी कालोनी से नई टिहरी तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर तैयार होंगे।
देश-विदेश से आए खिलाड़ियों और मेहमानों का स्वागत
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने देश और विदेश से पहुंचे खिलाड़ियों, पर्यटकों और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा भी दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य की नदियां, पर्वत और झीलें सदियों से प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही हैं। टिहरी झील के किनारे आयोजित यह महोत्सव इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जहां खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम देखने को मिलता है।
साहसिक खेलों के केंद्र के रूप में उभर रहा टिहरी
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालय की गोद में स्थित टिहरी झील प्राकृतिक दृष्टि से बेहद आकर्षक है और अब यह साहसिक खेलों के लिए भी तेजी से पहचान बना रही है। यहां आयोजित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं।
उन्होंने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान मिल रही है। टिहरी झील में लगातार कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य: एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकास
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य टिहरी को एडवेंचर स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं तैयार की जा रही हैं ताकि राज्य के युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि खेल और पर्यटन से जुड़े इन प्रयासों का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है और उन्होंने राज्य के विकास के लिए लगातार प्रेरणा और सहयोग दिया है। उन्होंने पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
इस दौरान उन्होंने राज्य में आयोजित कुछ बड़े खेल आयोजनों का जिक्र भी किया, जिनमें आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में आयोजित एमटीबी चैलेंज और एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी शामिल हैं। इन आयोजनों ने उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
टिहरी क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में टिहरी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए करीब 1300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर काम जारी है।
इन परियोजनाओं में टिहरी झील के आसपास पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, रिंग रोड का निर्माण और तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा भिलंगना विकासखंड के सुनारगांव ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से बनने वाले इस मार्ग की कुल लागत लगभग 318 करोड़ रुपये बताई गई है।
करीब 15 किलोमीटर लंबा यह मार्ग क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को भी आसान बनाएगा।
नौ मार्च तक चलेंगी विभिन्न गतिविधियां
टिहरी लेक फेस्टिवल के अंतर्गत नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान साहसिक खेलों के साथ-साथ स्थानीय लोक संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, कई विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।



