Swami Vivekananda Reel Making Contest: उत्तराखंड के युवाओं की सोच बदल सकती है आपकी एक रील, जानें कैसे…
Swami Vivekananda Reel Making Contest: स्वामी विवेकानंद के कालजयी विचार और उनका ओजस्वी जीवन दर्शन आज के डिजिटल दौर में युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं। इसी विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक अनोखा और (Engagement with Youth Icons) आधुनिक रास्ता चुना है। अब प्रदेश के युवा अपनी रचनात्मकता और रील बनाने के हुनर के जरिए स्वामी जी के धार्मिक-सामाजिक मूल्यों को दुनिया के सामने रख सकते हैं। यह प्रतियोगिता केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों और महान दार्शनिकों के सिद्धांतों से जोड़ने का एक गंभीर प्रयास है।

खेल मंत्री ने परखीं युवा दिवस की तैयारियां
उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने हाल ही में प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने (Swami Vivekananda Reel Making Contest) और 12 जनवरी को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय युवा दिवस कार्यक्रम की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि इस बार का युवा दिवस केवल औपचारिक न होकर युवाओं की वास्तविक भागीदारी का उत्सव बने, जिसमें तकनीक और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिले।
रील बनाओ और जीतो नकद इनाम
इस साल की सबसे रोचक पहल ‘रील मेकिंग प्रतियोगिता’ है, जिसमें स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर आधारित वीडियो बनाने होंगे। विभाग द्वारा जारी किए गए विशेष (Digital Content Creation Competition) लिंक पर युवा अपनी 60 से 90 सेकंड की रील अपलोड कर सकते हैं। एक विशेषज्ञ कमेटी इन सभी प्रविष्टियों की गुणवत्ता और संदेश की गहराई की जांच करेगी। सबसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक रील बनाने वाले प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः 11000, 7000 और 5000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह प्रतियोगिता विशेष रूप से प्रदेश की युवा शक्ति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें हिस्सा लेने के लिए आयु सीमा (Targeting Gen Z Audience) 15 से 29 वर्ष निर्धारित की गई है, ताकि स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं अपनी सोच को एक नया आयाम दे सकें। रील का विषय स्वामी विवेकानंद के उन सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए जो आज के समाज में प्रासंगिक हैं, जैसे कि आत्मविश्वास, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की वैश्विक जिम्मेदारी।
मंगल दलों को मिलेगा लाखों का सम्मान
युवा दिवस का समारोह केवल रील बनाने वालों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर समाज सेवा करने वाले समूहों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि (Empowering Rural Youth Groups) के तहत प्रदेश के तीन सर्वश्रेष्ठ युवा मंगल दलों और तीन महिला मंगल दलों को सम्मानित किया जाएगा। इन दलों को उनकी मेहनत और सामुदायिक कार्यों के लिए एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये की भारी-भरकम इनाम राशि दी जाएगी, जो उनके भविष्य के कार्यों के लिए संबल प्रदान करेगी।
नेशनल यूथ अवार्ड विजेताओं का भी होगा गौरव
राज्य सरकार उन मेधावी युवाओं को भी मंच प्रदान करेगी जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। समारोह में (National Youth Award Recognition) प्राप्त करने वाले उत्तराखंड के गौरवशाली युवाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह अन्य युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा कि वे भी अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखेगी उत्तराखंड की झलक
12 जनवरी को होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल विचारों का मंच होगा, बल्कि देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का केंद्र भी बनेगा। समारोह के दौरान (Cultural Diversity of Uttarakhand) के विभिन्न रंगों को दर्शाने वाले लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इससे युवाओं को अपनी मिट्टी की खुशबू और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा, जो स्वामी विवेकानंद के ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के विचार को और मजबूती प्रदान करेगा।
12 जनवरी को होगा पुरस्कारों का भव्य वितरण
विजेता प्रतिभागियों और दलों के लिए 12 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। युवा दिवस के मुख्य कार्यक्रम में (Official Award Ceremony Schedule) के अनुसार सभी विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी जवाबदेही को भी बेहतर ढंग से समझते हैं। यदि आप भी विवेकानंद के विचारों को रील के माध्यम से पेश करने का जज्बा रखते हैं, तो यह मौका आपके लिए ही है।



