LiteraryAwards – उत्तराखंड में साहित्यकारों को सम्मान, सीएम धामी ने किया अभिनंदन
LiteraryAwards – उत्तराखंड में साहित्य और संस्कृति को समर्पित एक गरिमामय समारोह में प्रदेश के कई प्रमुख साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर राज्य के साहित्यिक जगत से जुड़े कई नामचीन हस्तियों की उपस्थिति रही।

साहित्य भूषण सम्मान से डॉ. जितेन ठाकुर सम्मानित
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में डॉ. जितेन ठाकुर को उत्तराखंड का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ‘साहित्य भूषण’ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं न केवल राज्य बल्कि व्यापक हिंदी साहित्य जगत में भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह के रचनाकार समाज में विचार और संवेदना को दिशा देने का काम करते हैं।
अन्य साहित्यकारों को भी मिला सम्मान
समारोह में कई वरिष्ठ साहित्यकारों को दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए भी सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी के नाम शामिल रहे। इनके अलावा विभिन्न विधाओं में योगदान देने वाले अन्य साहित्यकारों और युवा प्रतिभाओं को भी मंच पर सम्मान दिया गया।
युवा प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन
कार्यक्रम में “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस पहल को नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा लेखकों को मंच और प्रोत्साहन देना राज्य की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण
समारोह के दौरान साहित्य नारी वंदन सम्मान के तहत प्रो. दिवा भट्ट को सम्मानित किया गया। बाल साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रो. दिनेश चमोला को पुरस्कार मिला। वहीं, मौलिक रचना और क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य को बढ़ावा देने वाले कई रचनाकारों को भी सम्मानित किया गया। कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा के साहित्यकारों को विशेष रूप से सराहा गया।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा समृद्ध और विविधतापूर्ण रही है। उन्होंने सभी सम्मानित रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से राज्य की संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार, साहित्य समाज को जोड़ने और विचारों को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।



