Kedarnath Yatra 2026: महाशिवरात्रि पर तय होगी केदारनाथ के कपाट खुलने की तारीख, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
Kedarnath Yatra 2026: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। हर साल की परंपरा के अनुसार, इस बार भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की शुभ तिथि की घोषणा की जाएगी। कपाट खुलने का दिन और समय तय करने के लिए उखीमठ स्थित भगवान शिव के शीतकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना की जाती है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के पदाधिकारियों और वेदपाठी तीर्थ पुरोहितों की मौजूदगी में इस धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कर यात्रा का श्रीगणेश सुनिश्चित किया जाता है।

जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर तेज किया सुधार कार्य
जैसे-जैसे कपाट खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। प्रशासन का मुख्य ध्यान इस समय केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति सुधारने पर है। पिछले मानसून के दौरान प्रभावित हुए सड़क के हिस्सों और लैंडस्लाइड जोन वाले क्षेत्रों में तेजी से मरम्मत कार्य किया जा रहा है ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण और सुधार कार्य यात्रा शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं।
घोड़ा-खच्चर संचालकों और होटल व्यवसायियों के साथ संवाद
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि यात्रा से जुड़े घोड़ा-खच्चर मालिकों, डंडी-कंडी संचालकों, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान दी जाने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाना और पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर कमियों को दूर करना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि यात्रियों को उच्च स्तर की सेवाएं मिल सकें।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। पैदल मार्ग पर रेलिंग की मरम्मत, पीने के पानी की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और ठहरने के इंतजामों को समय से पहले दुरुस्त किया जा रहा है। विशेष रूप से केदारनाथ धाम के ऊंचे हिमालयी क्षेत्र के मौसम को देखते हुए बचाव और राहत टीमों को भी सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी बुनियादी ढांचे को मजबूत कर लिया जाएगा ताकि भक्तों की आस्था के इस सफर में कोई बाधा न आए।
तीर्थ पुरोहितों की भूमिका और धार्मिक अनुष्ठान
केदारनाथ धाम की यात्रा केवल एक पर्यटन गतिविधि नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों के बीच समन्वय बिठाकर यात्रा की धार्मिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाता है। उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन होने वाला उत्सव न केवल तिथि निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह यात्रा के सफल संचालन के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने का भी अवसर होता है। तिथि घोषित होने के बाद मंदिर समिति द्वारा केदारनाथ धाम के डोली प्रस्थान और अन्य आयोजनों का विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया जाएगा।



