Helipad – बदरीनाथ परियोजना के लिए भेजा गया करोड़ों का चेक लापता
Helipad – उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में चल रहे हेलिपैड विस्तार कार्य से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। परियोजना के लिए भेजा गया करीब 1.4 करोड़ रुपये का चेक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल मच गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण यानी यूकाडा की ओर से यह चेक ग्रामीण निर्माण विभाग के गोपेश्वर कार्यालय को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से भेजा गया था। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रजिस्ट्री आखिर किस अधिकारी या कर्मचारी ने प्राप्त की। विभागीय रिकॉर्ड और डाक विभाग के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
हेलिपैड विस्तार के लिए जारी की गई थी राशि
बदरीनाथ धाम में हेलिपैड विस्तार परियोजना पर कार्य जारी है। इस योजना के तहत हेलिपैड को बड़े हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। बताया गया है कि परियोजना की कुल लागत लगभग 1.68 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। इसी के तहत पहली किस्त के रूप में 1.4 करोड़ रुपये का चेक भेजा गया था।
ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बदरीनाथ में हेलिपैड विस्तार का काम 20 अप्रैल से शुरू हो चुका है। परियोजना के तहत हेलिपैड का आकार बढ़ाया जा रहा है ताकि बड़े विमान और एमआई-17 जैसे हेलिकॉप्टर भी वहां सुरक्षित उतर सकें।
विभागीय रिकॉर्ड में दिखा चेक रिसीव
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से यूकाडा से निर्माण कार्य के लिए धनराशि जारी करने का अनुरोध किया गया। इस पर यूकाडा अधिकारियों ने बताया कि चेक पहले ही भेजा जा चुका है और विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक 6 अप्रैल को उसकी प्राप्ति भी दर्ज हो चुकी है।
इसके बाद विभाग में आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी रजिस्ट्री लेने की पुष्टि नहीं की। डाक विभाग में दर्ज हस्ताक्षरों की तुलना विभागीय कर्मचारियों के हस्ताक्षरों से भी की गई, मगर कोई मेल नहीं मिला।
बैंक को भेजा गया चेक रोकने का अनुरोध
ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अला दीया ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही बैंक से संपर्क किया गया। एचडीएफसी बैंक में चेक नंबर के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें अब तक धनराशि निकाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि बैंक को चेक निरस्त करने के लिए आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है। साथ ही यूकाडा से नया चेक जारी करने का अनुरोध भी किया गया है ताकि परियोजना का काम प्रभावित न हो।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि रजिस्ट्री डाक आखिर किसके पास पहुंची और रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षर किसके हैं।
बदरीनाथ धाम में चल रही इस महत्वपूर्ण परियोजना से जुड़े वित्तीय दस्तावेज के गायब होने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।