ElectionStrategy – उत्तराखंड में भाजपा की चुनावी तैयारी तेज
ElectionStrategy – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जौलीग्रांट पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। इसी के साथ प्रदेश में सत्तारूढ़ दल ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को औपचारिक रूप से गति दे दी है। देहरादून के निकट जौलीग्रांट स्थित एक होटल में पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने पर चर्चा होनी है। बैठक की अध्यक्षता स्वयं जेपी नड्डा कर रहे हैं, जिससे इसके महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कोर कमेटी की बैठक का उद्देश्य
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बैठक का मुख्य फोकस आगामी विधानसभा चुनाव है। प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य तय किया गया है और उसी दिशा में रणनीतिक चर्चा की जा रही है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि चुनावी अभियान किन मुद्दों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही सरकार की उपलब्धियों को किस तरह जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श होगा।
विधानसभा से बूथ स्तर तक तैयारी
बैठक में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विधानसभा स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों का खाका तैयार किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाए और मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करे। इसी कड़ी में यह भी तय होगा कि जनसंपर्क अभियान को किस रूप में चलाया जाए ताकि जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत बनी रहे।
सर्वे रिपोर्ट पर होगी समीक्षा
हाल ही में पार्टी द्वारा प्रदेश में पहले चरण का आंतरिक सर्वे कराया गया है। कोर कमेटी की बैठक में इस सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। किन सीटों पर पार्टी मजबूत स्थिति में है और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है, इसका आकलन किया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान विधायकों के प्रदर्शन और जनाधार की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व यह जानना चाहता है कि किन क्षेत्रों में रणनीति में बदलाव की जरूरत है।
उम्मीदवारों को लेकर स्पष्ट संकेत
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो विधायक जिस सीट से निर्वाचित हैं, उन्हें उसी क्षेत्र से आगामी चुनाव की तैयारी करनी चाहिए। सीटों के अदला-बदली की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। यह संकेत संगठनात्मक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया माना जा रहा है। मंत्रियों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जनता के बीच निरंतर उपस्थिति दर्ज कराने का संदेश दिया गया है।
नेतृत्व की मौजूदगी से बढ़ा महत्व
जेपी नड्डा की मौजूदगी ने बैठक को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। राष्ट्रीय नेतृत्व की भागीदारी से यह स्पष्ट संकेत गया है कि उत्तराखंड को पार्टी रणनीति में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक के दौरान प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, विपक्ष की सक्रियता और संभावित चुनावी मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
आने वाले दिनों की दिशा
बैठक के बाद संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा सार्वजनिक की जा सकती है। पार्टी का लक्ष्य समय रहते तैयारी को अंतिम रूप देना है ताकि चुनावी घोषणा से पहले ही जमीनी स्तर पर माहौल बनाया जा सके। फिलहाल नजर इस बात पर है कि बैठक से निकलने वाली रणनीति प्रदेश की राजनीति में किस तरह असर डालती है।



