Dehradun Crime – उत्तराखंड की राजधानी में मानवता शर्मसार, किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार
Dehradun Crime – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पीड़िता की माँ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह मामला न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि देवभूमि की छवि पर भी एक गहरा दाग है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहनता से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

विश्वास का गला घोंटकर जंगल में ले गए आरोपी
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़िता का परिवार मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करता है। पीड़िता की माँ लोगों के कपड़े धोकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। घटना 12 मार्च की शाम की बताई जा रही है, जब माँ ने अपनी बेटी को धुले हुए कपड़े ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए भेजा था। इसी दौरान एक परिचित आरोपी ने साजिश के तहत किशोरी को फोन कर हरिद्वार बाईपास के पास बुलाया। वहां वह अकेला नहीं था, बल्कि उसके दो अन्य साथी भी मौजूद थे। इन तीनों ने मिलकर किशोरी को जबरन पास के जंगली इलाके में ले जाने का प्रयास किया और उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की योजना तैयार की।
नशीला पदार्थ पिलाकर बेसुध करने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। जंगल में ले जाने के बाद किशोरी को जबरन कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई, जिसमें पहले से ही कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था। नशीली ड्रिंक पीने के कुछ ही देर बाद किशोरी बेसुध होने लगी और अपनी सुध-बुध खो बैठी। इसका फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। रात भर किशोरी को बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और अगली सुबह एक ई-रिक्शा में बिठाकर घर की ओर रवाना कर दिया गया।
घर पहुँचते ही किशोरी की बिगड़ी हालत
जब पीड़ित किशोरी अपने घर पहुँची, तो उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद खराब थी। जैसे ही वह ई-रिक्शा से उतरी, उसे गहरा चक्कर आया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। बेटी की यह हालत देख माँ के पैरों तले जमीन खिसक गई। होश आने के बाद जब किशोरी ने रोते हुए अपनी माँ को पूरी आपबीती सुनाई, तो परिवार न्याय के लिए पुलिस के पास पहुँचा। पीड़िता के बयान और उसकी हालत को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
पटेलनगर थाना प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस हरिद्वार बाईपास और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान और उनके भागने के मार्ग का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के शिकंजे से कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और इस गंभीर अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।



