CongressVisit – उत्तराखंड दौरे पर आ रहीं प्रभारी, सियासी हलचल तेज
CongressVisit – करीब ढाई महीने के अंतराल के बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा आज पांच दिवसीय उत्तराखंड दौरे की शुरुआत रुद्रपुर से करने जा रही हैं। उनके इस दौरे को लेकर पार्टी के भीतर खासा उत्साह और हलचल देखी जा रही है। माना जा रहा है कि प्रभारी की मौजूदगी से लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी के मुद्दों पर कुछ हद तक विराम लग सकता है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है।

दौरे से पहले नेताओं के बीच बढ़ी बयानबाजी
प्रभारी के आगमन से पहले ही पार्टी के कई नेताओं के बीच आपसी मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। हाल के दिनों में कुछ फैसलों को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी तेज रही है, जिससे संगठन के भीतर खेमेबंदी की चर्चा और गहराई है। खासतौर पर रामनगर से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किए जाने के फैसले के बाद विवाद बढ़ा। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अवकाश पर जाने के फैसले ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है।
बैठकों का दौर, कई जिलों में कार्यक्रम तय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, प्रभारी के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम के तहत कुमारी सैलजा ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर से शुरुआत करेंगी और इसके बाद हल्द्वानी, कोटद्वार, हरिद्वार होते हुए देहरादून पहुंचेंगी। इस दौरान वे जिला और महानगर इकाइयों के साथ-साथ प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ बैठकें करेंगी। इन बैठकों में आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को लेकर निर्देश
प्रदेश नेतृत्व ने सभी वरिष्ठ नेताओं को निर्देश दिया है कि वे प्रभारी की बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल हों। इसे संगठनात्मक एकजुटता का संकेत माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों के जरिए न सिर्फ मतभेदों को दूर करने की कोशिश होगी, बल्कि आगामी चुनावी तैयारियों पर भी फोकस किया जाएगा। प्रभारी की यह यात्रा संगठन में तालमेल बैठाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
हरीश रावत की भूमिका पर बनी हुई है नजर
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत फिलहाल अवकाश पर हैं और उनकी इस दौरे में भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा है कि एक कार्यकर्ता के रूप में वे प्रभारी का स्वागत करने पहुंचेंगे। उनका अवकाश 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जबकि प्रभारी 11 और 12 अप्रैल को देहरादून में रहेंगी। ऐसे में उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं।
अवकाश बढ़ाने के संकेत भी दिए
हरीश रावत ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वे अपना अवकाश बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी पुस्तक ‘उत्तराखंडियत पार्ट-दो’ को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, जिसमें राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए जा रहे हैं। फिलहाल उनके सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है, जिससे पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर जारी है।



