CabinetReshuffle – धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग हटाकर शिक्षा पर फोकस
CabinetReshuffle – उत्तराखंड सरकार में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे में अहम बदलाव देखने को मिला है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है, जो उनके पास पिछले करीब नौ वर्षों से थी। अब उन्हें विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और सहकारिता जैसे विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव को प्रशासनिक संतुलन और कार्यक्षमता के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग से हटाए जाने का निर्णय
डॉ. धन सिंह रावत 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के गठन के समय से ही स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे थे। इसके साथ ही उनके पास शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग भी थे। लंबे समय तक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी निभाने के बाद अब यह बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत समय-समय पर विभागों में फेरबदल किया जाता है।
शिक्षा और सहकारिता पर अब रहेगा पूरा ध्यान
नए बंटवारे के अनुसार डॉ. रावत अब शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करेंगे। विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक, उनके पास व्यापक जिम्मेदारियां हैं। इसके साथ ही संस्कृत शिक्षा और सहकारिता विभाग भी उनके अधीन रहेंगे। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों में नीतिगत सुधार और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर सरकार विशेष ध्यान दे सकती है।
नौ वर्षों के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव
डॉ. रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर कई पहलें कीं। उन्होंने बताया कि इस अवधि में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए गए, जिसमें अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार और संसाधनों में वृद्धि शामिल रही। उनके अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया गया, खासकर दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया।
चिकित्सा स्टाफ की नियुक्तियों पर जोर
स्वास्थ्य विभाग संभालते हुए डॉ. रावत ने डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्तियों को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां की गईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार हुआ। इन नियुक्तियों का उद्देश्य अस्पतालों में स्टाफ की कमी को दूर करना और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना था।
दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाने के प्रयास
राज्य के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना हमेशा एक चुनौती रहा है। डॉ. रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं, अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ की तैनाती और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से इन इलाकों में लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने की कोशिश की गई।
फिलहाल चुनाव प्रचार में व्यस्त मंत्री
वर्तमान में डॉ. धन सिंह रावत पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के सिलसिले में व्यस्त हैं। वहीं, राज्य में विभागों के इस नए बंटवारे के बाद प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार का मानना है कि इस तरह के बदलाव से विभागों की कार्यक्षमता और जवाबदेही में सुधार आता है।



