Bhikhona Village Bear Rescue: बहादुर दिव्या ने भालू के जबड़े से बचाई मासूम की जान, वन विभाग ने आदमखोर को किया कैद
Bhikhona Village Bear Rescue: उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो मानवीय साहस और ईश्वरीय चमत्कार का अनूठा संगम है। यहां की एक बहादुर बिटिया दिव्या ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने भाई आरव को भालू के चंगुल से छुड़ा लिया। यह घटना (Human Wildlife Conflict Uttarakhand) की उस डरावनी सच्चाई को उजागर करती है जहाँ वन्यजीव अब स्कूलों और घरों तक पहुंचने लगे हैं। दिव्या की इस बहादुरी ने उसे पूरे प्रदेश का नायक बना दिया है, वहीं वन विभाग ने इस खूंखार जानवर को पकड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।

आधी रात को मादा भालू का रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा के आदेश पर देहरादून चिड़ियाघर की एक विशेष तीन सदस्यीय टीम पोखरी के भिकोना गांव में डेरा डाले हुए थी। शुक्रवार रात करीब दो बजे वन विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली। गांव के पास ही (Tranquilizing Wild Animals) की प्रक्रिया के तहत एक छह साल की मादा भालू को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में बंद कर लिया गया। भालू के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कई दिनों से इलाके में भालू का आतंक बना हुआ था।
स्कूल परिसर तक पहुंचा था भालू का खौफ
ग्रामीणों ने बताया कि यह भालू इतना निडर हो गया था कि वह स्कूल परिसर से छात्र को उठा ले जाने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान दिव्या ने अपनी अदम्य हिम्मत दिखाई और मौत के मुंह से अपने भाई को खींच लाई। (Wildlife Attacks in Chamoli) की बढ़ती घटनाओं ने बच्चों और बुजुर्गों के बीच डर पैदा कर दिया था। वन विभाग की टीम अब पकड़ी गई मादा भालू को रेस्क्यू सेंटर ले जाने की तैयारी कर रही है ताकि उसकी मेडिकल जांच की जा सके और उसे इंसानी बस्तियों से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जा सके।



