उत्तराखण्ड

BadrinathSnowfall – बारिश और बर्फबारी से पहाड़ दरके, कई हाईवे बाधित

BadrinathSnowfall – उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हुई बारिश और बर्फबारी के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है। ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पहाड़ों के दरकने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बदरीनाथ धाम इन दिनों मोटी बर्फ की परत से ढका हुआ है, जहां मौसम साफ होने के बाद प्राकृतिक दृश्य बेहद आकर्षक नजर आए, लेकिन इसके साथ ही आवागमन की दिक्कतें भी सामने आई हैं।

गोविंदघाट के पास हाईवे पर गिरे बोल्डर

बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट के पास पिनोला क्षेत्र में भारी पत्थर गिरने से पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। प्रशासन ने मार्ग खोलने के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण काम में दिक्कत आ रही है।

नीति-मलारी मार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित

इसी तरह नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी सालधर क्षेत्र में भूस्खलन के चलते बाधित हो गया है। उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन को निर्देशित किया गया है। प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवागमन सामान्य किया जा सके।

गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर भी असर

प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक मार्ग भी मौसम की मार से अछूते नहीं रहे। गंगोत्री हाईवे बर्फबारी के कारण बंद है, जिसे खोलने के लिए प्रयास जारी हैं। वहीं यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी क्षेत्र में बाधित हो गया है। इन मार्गों पर फंसे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राहत और मरम्मत कार्य चल रहे हैं।

मास्टर प्लान कार्यों पर पड़ा असर

बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्य भी मौसम की वजह से प्रभावित हुए हैं। लगातार बर्फबारी के चलते पिछले दो दिनों से निर्माण कार्य बंद कर दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर काम में लगे मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने टेंट और अस्थायी शिविरों में रह रहे श्रमिकों को पांडुकेश्वर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।

रास्ता बंद होने से लौटे श्रमिक

हालांकि श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया के दौरान भी मुश्किलें सामने आईं। कंचन नाले के पास बर्फ और मलबा आने से हाईवे बंद हो गया, जिसके कारण मजदूरों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के अनुसार, ऐसे हालात में पैदल यात्रा करना भी जोखिम भरा था, क्योंकि लगातार बारिश और बर्फबारी से हिमस्खलन की आशंका बनी हुई थी।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि धाम और आसपास के क्षेत्रों में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे। लोगों से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

बर्फबारी के बाद खिली धूप, लेकिन परेशानी बरकरार

दो दिनों तक लगातार बारिश और बर्फबारी के बाद शनिवार को मौसम साफ हुआ और धूप निकली, जिससे कुछ राहत जरूर मिली। हालांकि, कई मार्गों के बंद होने से आवाजाही अभी भी प्रभावित है। बदरीनाथ धाम में करीब दो फीट और हेमकुंड साहिब में लगभग तीन फीट ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। इसके अलावा नीती और माणा घाटी के गांवों में भी अच्छी खासी बर्फ जमी हुई है, जिससे ठंड और बढ़ गई है।

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