WeatherAlert – पश्चिमी विक्षोभ के असर से यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
WeatherAlert – उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से 15 मार्च से कई इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने रविवार के लिए खासतौर पर तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। हवा की रफ्तार लगभग 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना व्यक्त की गई है।

15 और 16 मार्च को मौसम में बदलाव के संकेत
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 15 और 16 मार्च के दौरान तराई क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं मध्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने और बादलों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इन परिस्थितियों के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश के दोनों हिस्सों, यानी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखाई देगा। अनुमान है कि करीब 35 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे मौसम कुछ समय के लिए ठंडा महसूस हो सकता है।
कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी आशंका
मौसम विभाग ने पूर्वी तराई के कुछ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है। जिन जिलों में यह आशंका व्यक्त की गई है उनमें कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा देवरिया, गोरखपुर और संत कबीर नगर जैसे इलाकों में भी मौसम अचानक बदल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के साथ तेज हवाओं के दौरान किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। ओलावृष्टि होने की स्थिति में फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी रहती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम से जुड़ी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
कई जिलों में मेघगर्जन और तेज हवा का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जैसे तराई क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतम बुद्ध नगर सहित कई जिलों में भी मेघगर्जन और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं जैसे क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
तापमान में गिरावट के आसार
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। अनुमान है कि दिन के तापमान में लगभग 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है, जबकि रात का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 19 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव प्रदेश के बड़े हिस्से पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
कई शहरों में पहले ही बढ़ चुका है तापमान
मौसम में बदलाव की संभावना के बीच प्रदेश के कई शहरों में हाल के दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को बांदा में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इसके अलावा वाराणसी में 36.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि प्रयागराज और उरई में लगभग 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं रात के तापमान के मामले में भी बांदा सबसे आगे रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है।



