उत्तर प्रदेश

UPAssembly – बजट सत्र की शुरुआत के साथ सदन में सियासी हंगामा तेज

UPAssembly – उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत होते ही सदन का माहौल गर्मा गया। सुबह करीब 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।

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राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का विरोध

राज्यपाल के अभिभाषण के बीच सपा विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और जोरदार नारे लगाने लगे। सदन में ‘गो बैक, गो बैक’ के नारे गूंजते रहे। विपक्षी सदस्यों का आरोप था कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है और जमीनी सच्चाइयों से दूर बयानबाजी कर रही है। हंगामे के चलते कुछ देर तक सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पाई।

अखिलेश यादव का सरकार पर सीधा हमला

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार केवल दावों और घोषणाओं तक सीमित रह गई है। अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सवाल किया कि जब उत्तर प्रदेश ने देश को प्रधानमंत्री दिया है, तो राज्य को बुलेट ट्रेन जैसी बड़ी परियोजना का लाभ कब मिलेगा। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन के गोरखपुर से गुजरने की बातें हो रही हैं, जबकि वहां अभी तक मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधा भी पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी है।

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में विपक्ष की एकजुटता

सदन के भीतर और बाहर विपक्ष का विरोध लगातार जारी रहा। विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना भी समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनका कहना था कि बजट सत्र का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना होना चाहिए, लेकिन सरकार इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।

साइकिल से विधानसभा पहुंचे सपा एमएलसी

बजट सत्र के पहले ही दिन सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा का अलग अंदाज देखने को मिला। वह साइकिल से विधानसभा पहुंचे और अपने विरोध का प्रतीकात्मक संदेश दिया। आशुतोष सिन्हा वाराणसी में मंदिर तोड़े जाने के कथित मुद्दे को लेकर सदन में पहुंचे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय को वह सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।

सत्र के शुरुआती दिन दिखी सियासी गर्मी

बजट सत्र का पहला दिन ही यह संकेत दे गया कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सामने रखने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। ऐसे में सत्र के दौरान बहस और हंगामे दोनों के जारी रहने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

जनता से जुड़े मुद्दों पर टिकी निगाहें

हालांकि शोर-शराबे के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि बजट सत्र में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर कितनी गंभीर चर्चा हो पाएगी। विपक्ष का कहना है कि वह बेरोजगारी, विकास और बुनियादी सुविधाओं जैसे सवालों को मजबूती से उठाएगा, जबकि सरकार का दावा है कि बजट के जरिए राज्य के विकास की नई दिशा तय की जाएगी।

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