UP Weather Update: बेरहम हुई बर्फीली पछुआ, यूपी में हाड़ कंपाने वाली गलन और कोहरे का तांडव
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के आसमान से बरसती ठंड ने अब लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। रविवार की रात कानपुर, इटावा और बाराबंकी जैसे शहरों में पारा इस कदर गिरा कि लोगों की हड्डियां तक कांप गईं। कानपुर में न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) महज 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने इसे पूरे प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना दिया। बर्फीली पछुआ हवाओं ने तराई और पश्चिमी जिलों में गलन को इस कदर बढ़ा दिया है कि दिन में निकलने वाली धूप भी अब बेअसर साबित हो रही है।

मौसम विभाग का खौफनाक पूर्वानुमान
आगामी 24 घंटे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए बेहद भारी पड़ने वाले हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है, जिसका सीधा असर परिवहन और जनजीवन पर पड़ेगा। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ों से आ रही सूखी और बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री की और अधिक गिरावट देखी जा सकती है। यह स्थिति आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी खड़ी कर रही है।
13 जिलों में छाया रहेगा कोहरे का सफेद अंधेरा
बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बरेली जैसे जिलों में सोमवार को दृश्यता शून्य के करीब रह सकती है। कोहरे का यह (Dense Fog) प्रकोप न केवल सड़क हादसों का जोखिम बढ़ा रहा है, बल्कि ट्रेन और उड़ानों के समय को भी प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही सुबह के समय यात्रा करें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। झांसी और ललितपुर के आसपास के इलाकों में भी इसी तरह के हालात रहने की आशंका है।
22 जिलों में ‘शीत दिवस’ का बड़ा खतरा
पूर्वांचल और मध्य यूपी के करीब 22 जिलों में मौसम विभाग ने भीषण ठंड यानी ‘शीत दिवस’ की चेतावनी जारी की है। प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में (Cold Day Conditions) के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है, तो उसे शीत दिवस कहा जाता है, जिससे दिन भर गलन और कनकनी बनी रहती है। अयोध्या और सुल्तानपुर के निवासियों को भी इस भीषण ठंड से फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।
लखनऊ में सर्दी ने तोड़ा इस सीजन का रिकॉर्ड
राजधानी लखनऊ में भी सर्द पछुआ हवाओं का सितम अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार और रविवार के बीच की रात में पारे ने जो गोता लगाया, उसने पिछले कई दिनों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। लखनऊ का न्यूनतम तापमान (Lucknow Weather) गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। सुबह के समय शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया और दिन में निकली हल्की धूप ठंडी हवाओं के सामने पूरी तरह सरेंडर दिखी।
पहाड़ों से आ रही आफत वाली पछुआ
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ों पर हुई हालिया बर्फबारी ने मैदानी इलाकों की हवा को जहरीला और सर्द बना दिया है। ठंडी और सूखी पछुआ हवाएं (Icy Winds) सीधे तौर पर तापमान को प्रभावित कर रही हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन 5.4 डिग्री की अचानक गिरावट ने रात को बेहद कष्टकारी बना दिया है। आने वाले दिनों में यह शुष्क हवाएं गलन को और ज्यादा बढ़ाने वाली हैं।
कानपुर और इटावा में शीतलहर की दस्तक
कानपुर और इटावा के इलाकों में आंशिक शीतलहर जैसे हालात बनने लगे हैं। रविवार को कानपुर का पारा 3.2 डिग्री और इटावा का 3.8 डिग्री रहने से प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सड़कों के किनारे (Shelter Homes) और अलाव की व्यवस्था तेज कर दी गई है ताकि बेसहारा लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि हवा की गति इसी तरह बनी रही तो गलन और अधिक तीव्र महसूस होगी।
जनजीवन पर ठंड का व्यापक असर
इस भीषण ठंड का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार और कृषि पर भी प्रभाव डाल रही है। सुबह-शाम बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। कोहरे और (Weather Forecast) के कारण फसलों पर भी पाले का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि जनवरी के इस पखवाड़े में फिलहाल ठंड से किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती, बल्कि पारा और नीचे जा सकता है।
सावधानी और बचाव ही एकमात्र रास्ता
चिकित्सकों ने इस कड़ाके की ठंड में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। हृदय और सांस के रोगियों के लिए यह (Health Advisory) जारी की गई है कि वे सुबह के समय बाहर निकलने से बचें। गरम कपड़ों की कई परतें पहनने और गुनगुने पानी का सेवन करने से शरीर के तापमान को संतुलित रखा जा सकता है। प्रदेश सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।



