UP Police Constable Recruitment: उम्र की दहलीज़ पर युवाओं का दर्द, क्या योगी सरकार देगी पुलिस भर्ती में तीन साल की बड़ी राहत…
UP Police Constable Recruitment: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 32,679 पदों पर निकाली गई भर्ती ने जहां लाखों युवाओं में उम्मीद जगाई है, वहीं सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह एक परीक्षा बन गई है। सामान्य वर्ग के युवा अपनी आयु सीमा (Age Relaxation) को लेकर काफी चिंतित हैं और सरकार से तीन साल की अतिरिक्त छूट की गुहार लगा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण वे आवेदन के पात्र नहीं रह गए हैं, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

सरकार के अपने ही मंत्रियों ने खोला मोर्चा
इस आंदोलन को तब और मजबूती मिली जब उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और एनडीए के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में पत्र लिखा। राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार और भाजपा विधायक दिनेश रावत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए (Government Policy) में बदलाव किया जाए। विधायकों का तर्क है कि भर्ती में देरी का खामियाजा उन मेधावी युवाओं को नहीं भुगतना चाहिए जो पूरी तरह समर्पित हैं।
गोरखपुर के जनता दरबार का वो अधूरा वादा
निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने पत्र में एक महत्वपूर्ण घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर 2025 को गोरखपुर में आयोजित (Public Grievance) के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं अभ्यर्थियों को तीन साल की छूट देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, जब आधिकारिक विज्ञापन जारी हुआ, तो उसमें ऐसी किसी छूट का जिक्र नहीं था, जिससे युवाओं में भारी निराशा और आक्रोश पैदा हो गया है।
विपक्ष का हमला और युवाओं के भविष्य का सवाल
सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की लचर नीतियों के कारण (Unemployment Crisis) गहरा गया है। उन्होंने मांग की है कि नए साल के उपहार के रूप में सरकार को ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका देना चाहिए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
भर्ती प्रक्रिया और सामान्य वर्ग की सीमाएं
वर्तमान में जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अन्य वर्गों को तो नियमानुसार छूट मिलती है, लेकिन (General Category) के छात्र बिना किसी गलती के रेस से बाहर हो रहे हैं। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री आवास पर टिकी हैं कि क्या सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों की सिफारिश पर मोहर लगाते हुए आयु सीमा में बदलाव की घोषणा करेगी।



