SSCExamFraud – एमटीएस परीक्षा में नकल गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
SSCExamFraud – एसएससी की एमटीएस भर्ती परीक्षा में कथित रूप से तकनीकी माध्यम से नकल कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मेरठ की स्पेशल टास्क फोर्स और उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देहरादून में की। मामला थाना कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जहां से दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार, निवासी देवरिया (उत्तर प्रदेश) और भास्कर नैथानी, निवासी देहरादून (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा थे जो परीक्षा के दौरान तकनीकी हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को अनुचित सहायता पहुंचा रहा था।
डिजिटल माध्यम से हस्तक्षेप का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, एसएससी एमटीएस परीक्षा के दौरान देहरादून स्थित एक परीक्षा केंद्र में मास्टर कंप्यूटर के जरिए सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश करने की कोशिश की गई। आरोप है कि लोकल नेटवर्किंग और प्रॉक्सी सर्वर की मदद से परीक्षा प्रणाली में रिमोट एक्सेस हासिल किया गया।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस तरीके से प्रश्नों या उत्तरों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि मामले की तकनीकी जांच जारी है और विस्तृत फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
कार्रवाई के दौरान टीम ने चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक इंटरनेट राउटर जब्त किया है। इन उपकरणों की डिजिटल जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क किस स्तर तक सक्रिय था और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।
परीक्षा की पारदर्शिता पर सख्ती
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं। हाल के वर्षों में डिजिटल माध्यम से परीक्षा में हस्तक्षेप के प्रयासों को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी गड़बड़ी या आपराधिक साजिश के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की जांच जारी है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं, हालांकि जांच एजेंसियों का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर संभावित गड़बड़ी को रोका गया।



