SonamWangchuk – अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर सपा ने केंद्र को घेरा
SonamWangchuk- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित अनशन स्थल से शनिवार सुबह पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछे हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि यह कदम चिकित्सकीय सलाह और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया।

डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर जताई प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर इस घटनाक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाई जाती है तो इसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना पर भी पड़ता है। उन्होंने सोनम वांगचुक को समाज के महत्वपूर्ण स्वर के रूप में बताते हुए कहा कि ऐसी आवाजों का सम्मान किया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वांगचुक को उनके आमरण अनशन स्थल से बलपूर्वक हटाए जाने की खबर चिंताजनक है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, इसलिए उनका इलाज न्यायिक निगरानी में कराया जाना चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर दिया बयान
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि इस घटनाक्रम ने देश और विदेश में चर्चा पैदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के प्रति सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं दिखाई देता। उनके अनुसार, संवाद के माध्यम से समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है और इसी दिशा में प्रयास होने चाहिए।
घटना के दौरान क्या हुआ
शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। इस दौरान वहां मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उठाया गया।
सहयोगी कार्यकर्ता ने लगाए आरोप
वांगचुक के सहयोगी अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की और कुछ समय के लिए हिरासत में रखा। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें घटना की जानकारी मिली और वह जंतर-मंतर पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनके साथ यह कार्रवाई हुई। इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्वास्थ्य स्थिति और न्यायालय का निर्देश
सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा था। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक की प्रतिदिन चिकित्सकीय जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। पुलिस का कहना है कि अस्पताल ले जाने की कार्रवाई इसी न्यायिक निर्देश और चिकित्सकीय सलाह के अनुपालन में की गई। घटना के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और बयानबाजी तेज हो गई है।