SmartMeterIssue – यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता परेशान
SmartMeterIssue – उत्तर प्रदेश में लागू की गई स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तो तुरंत बंद हो जाती है, लेकिन बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन बहाल होने में काफी समय लग रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं को घंटों तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
उन्नाव के शिव प्रकाश तिवारी और लखनऊ के अजयवीर सिंह जैसे कई उपभोक्ता इस समस्या का सामना कर चुके हैं। शिव प्रकाश का कनेक्शन बैलेंस खत्म होने पर कट गया और भुगतान करने के बाद भी आपूर्ति शुरू होने में करीब 24 घंटे लग गए। वहीं अजयवीर के मामले में चार घंटे बाद बिजली आई। इस तरह के अनुभव अब कई लोगों के बीच आम होते जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के बाद बढ़ी समस्याएं
प्रदेश में 13 मार्च से स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू की गई है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 78 लाख उपभोक्ताओं में से 70 लाख से अधिक के यहां ये मीटर लगाए जा चुके हैं। इस प्रणाली में बैलेंस शून्य या निगेटिव होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। हालांकि दावा किया गया था कि भुगतान के दो घंटे के भीतर कनेक्शन बहाल हो जाएगा, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है।
तकनीकी कारणों से हो रही देरी
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या के पीछे तकनीकी दिक्कतें भी जिम्मेदार हैं। मीटर डाटा मैनेजमेंट सिस्टम पर अधिक लोड होने के कारण सर्वर कई बार ठीक से काम नहीं कर पाता। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं तक बैलेंस से जुड़े संदेश समय पर नहीं पहुंचते, जिससे उन्हें कनेक्शन कटने के बाद ही स्थिति का पता चलता है।
अभियंताओं की बढ़ी परेशानी
इस व्यवस्था का असर बिजली विभाग के कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। चूंकि कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित है, इसलिए स्थानीय अभियंताओं के पास इसे तुरंत बहाल करने का विकल्प नहीं होता। ऐसे में उन्हें मीटर डाटा सेंटर से संपर्क करना पड़ता है, जिससे समस्या का समाधान और देर से हो पाता है।
शिकायत के लिए जारी किए गए निर्देश
पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि यदि भुगतान के दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो उपभोक्ता 1912 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए एक अलग व्यवस्था भी बनाई गई है, ताकि शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जा सके।
रिचार्ज और बैलेंस से जुड़ी जानकारी
स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ता यूपीपीसीएल के मोबाइल एप, वेबसाइट, डिजिटल पेमेंट ऐप या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से रिचार्ज कर सकते हैं। उन्हें बैलेंस कम होने पर तीन स्तर पर संदेश भेजे जाते हैं, लेकिन मोबाइल नंबर अपडेट न होने पर यह सुविधा प्रभावित हो सकती है।
पुराने बकाये से भी बढ़ रही उलझन
कुछ उपभोक्ताओं के लिए पुराना बकाया भी समस्या बन रहा है। प्रीपेड सिस्टम में परिवर्तन के दौरान पुराने बिल का कुछ हिस्सा हर रिचार्ज से स्वतः काट लिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं को वास्तविक बैलेंस का अंदाजा नहीं लग पाता और भ्रम की स्थिति बनती है।



