Secunderabad Minor Rape and Murder: सिकंदराबाद में दरिंदगी की इंतेहा, मासूम की अस्मत लूटकर तीसरी मंजिल से फेंका, मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े दो हैवान
Secunderabad Minor Rape and Murder: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार की शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक छह वर्षीय मासूम बच्ची, जो अपने घर के आंगन में खेल रही थी, अचानक लापता हो गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस मकान में वह सुरक्षित महसूस करती थी, उसी की ऊपरी मंजिल पर (Brutal Child Abuse) का खौफनाक जाल बिछा हुआ है। दरिंदों ने न केवल उस मासूम की पवित्रता को भंग किया, बल्कि अपनी पहचान छुपाने के लिए उसकी जीवनलीला ही समाप्त कर दी।

नशे की लत और हैवानियत का तांडव
मूल रूप से फिरोजाबाद निवासी एक श्रमिक की बेटी शाम के समय खेलते-खेलते मकान की ऊपरी मंजिल पर चली गई थी। वहां पहले से ही उसी मकान में रहने वाले दो युवक मौजूद थे, जो नशे की हालत में धुत्त थे। जैसे ही उन्होंने बच्ची को अकेला पाया, उनकी (Criminal Intentions) जाग गई और उन्होंने मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बच्ची के शोर मचाने और विरोध करने पर इन हैवानों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने के लिए छत से फेंका शव
वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने निर्दयता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मासूम के निर्जीव शरीर को तीसरी मंजिल की छत से नीचे फेंक दिया, ताकि यह महज एक (Accidental Death Case) जैसा महसूस हो। शुरुआत में पुलिस को भी यही सूचना मिली थी कि बच्ची खेलते समय गिर गई है, लेकिन मौके पर मौजूद हालातों और बच्ची के शरीर पर मिले निशानों ने किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर दिया, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई।
देर रात मुठभेड़ और आरोपियों की गिरफ्तारी
बुलंदशहर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल घेराबंदी शुरू कर दी। देर रात पुलिस और फरार आरोपियों के बीच सिकंदराबाद क्षेत्र में ही आमना-सामना हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और (Police Encounter News) के बाद दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए दरिंदों की पहचान राजू (निवासी बलरामपुर) और वीरू कश्यप (निवासी लखीमपुर खीरी) के रूप में हुई है। ये दोनों ही आरोपी श्रमिक के साथ उसी रिहायशी परिसर में रहते थे।
एसएसपी ने किया चौंकाने वाला खुलासा
एसएसपी बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक गिरफ्तारी के वक्त भी नशे की हालत में थे। कड़ाई से की गई (Intensive Police Interrogation) में दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद जब बच्ची चिल्लाने लगी, तो उन्होंने उसे चुप कराने के लिए मार डाला और फिर दुर्घटना का रूप देने के लिए नीचे फेंक दिया। पुलिस अब इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।
औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब श्रमिक जो अपनी रोजी-रोटी के लिए (Migrant Labor Safety) की उम्मीद में यहां रहते हैं, उनके बच्चों पर अपनों के बीच ही खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और सभी एक सुर में आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई और ‘राजू’ या ‘वीरू’ ऐसी हिम्मत न कर सके।
गमगीन पिता और इंसाफ की गुहार
बेटी को खोने वाले पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। फिरोजाबाद से काम की तलाश में आए इस गरीब परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि उनकी मासूम परी (Justice for Minor) की मांग का चेहरा बन जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद केस में और भी कड़ी धाराएं जोड़ी जाएंगी। बुलंदशहर प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव कानूनी और सुरक्षात्मक मदद देने का भरोसा दिलाया है।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
यह घटना समाज के उस काले सच को उजागर करती है जहां नशा और विकृत मानसिकता मासूमों की जान ले रही है। (Child Protection Laws) के बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और पड़ोसियों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुलिस की कार्रवाई। फिलहाल, सिकंदराबाद का वह गांव मातम में डूबा हुआ है और हर आंख उस मासूम के लिए नम है।



