उत्तर प्रदेश

Ramadan – यूपी में 10 मार्च के इफ्तार और 11 मार्च की सहरी का समय जारी

Ramadan – मुकद्दस रमजान का महीना अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और अब तक 19 रोजे पूरे हो चुके हैं। मंगलवार के साथ ही रमजान का दूसरा अशरा समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद बुधवार से तीसरा अशरा शुरू होगा। इस दौरान रोजेदार खास इबादतों में मशगूल रहेंगे। कई लोग मस्जिदों में एत्तिकाफ में बैठकर दस दिनों तक लगातार अल्लाह की बंदगी करेंगे और ईद का चांद दिखाई देने के बाद ही घर लौटेंगे।

रमजान के अशरों का धार्मिक महत्व

इस्लामी मान्यता के अनुसार रमजान के पूरे महीने को तीन हिस्सों यानी अशरों में बांटा गया है, जिनमें प्रत्येक दस दिनों का होता है। पहला अशरा रहमत का, दूसरा मगफिरत का और तीसरा जहन्नुम की आग से निजात का माना जाता है। फिलहाल मगफिरत का अशरा चल रहा है, जो मंगलवार को खत्म हो जाएगा। इसके बाद तीसरा और अंतिम अशरा शुरू होगा, जिसे इबादत के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। इसी दौरान कई लोग मस्जिदों में एत्तिकाफ करते हैं, जहां वे दुनियावी कामों से दूर रहकर पूरी तरह इबादत में समय बिताते हैं।

एत्तिकाफ की तैयारियां और इबादत का माहौल

तीसरे अशरे के शुरू होते ही मस्जिदों में एत्तिकाफ की तैयारियां तेज हो जाती हैं। आमतौर पर हर मस्जिद में दो से तीन लोग एत्तिकाफ में बैठते हैं और लगातार दस दिन तक वहीं रहते हैं। इस दौरान वे नमाज, कुरान की तिलावत और दुआ में अपना समय बिताते हैं। महिलाएं भी घरों में ही अलग स्थान बनाकर एत्तिकाफ की तरह इबादत करती हैं और इन दिनों में खुद को धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रखती हैं। यह समय आध्यात्मिक आत्मचिंतन और दुआओं के लिए बेहद खास माना जाता है।

अलग-अलग शहरों में इफ्तार और सहरी का समय

रमजान के रोजेदारों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में 10 मार्च के इफ्तार और 11 मार्च की सहरी के समय जारी किए गए हैं। सुन्नी और शिया समुदाय के बीच कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है, जो धार्मिक परंपराओं के अनुसार तय होता है।

अलीगढ़ में मंगलवार को सुन्नी समुदाय का इफ्तार शाम 6 बजकर 25 मिनट पर होगा, जबकि शिया समुदाय के लिए यह समय 6 बजकर 32 मिनट तय किया गया है। 11 मार्च की सहरी सुन्नी समुदाय के लिए सुबह 5 बजकर 10 मिनट और शिया समुदाय के लिए 4 बजकर 59 मिनट निर्धारित है। प्रयागराज में सुन्नी रोजेदार शाम 6 बजकर 13 मिनट पर इफ्तार करेंगे, जबकि शिया समुदाय के लिए इफ्तार का समय 6 बजकर 22 मिनट है। सहरी का समय सुन्नी के लिए सुबह 4 बजकर 50 मिनट और शिया के लिए 4 बजकर 48 मिनट रहेगा।

बरेली और कानपुर में रोजेदारों के लिए समय

बरेली में मंगलवार को सुन्नी समुदाय का इफ्तार शाम 6 बजकर 22 मिनट और शिया समुदाय का 6 बजकर 30 मिनट पर होगा। वहीं सहरी का समय सुन्नी समुदाय के लिए सुबह 5 बजकर 5 मिनट और शिया समुदाय के लिए 4 बजकर 56 मिनट निर्धारित किया गया है। कानपुर में सुन्नी रोजेदार शाम 6 बजकर 16 मिनट पर रोजा खोलेंगे, जबकि शिया समुदाय के लिए यह समय 6 बजकर 27 मिनट है। 11 मार्च की सहरी सुन्नी समुदाय के लिए सुबह 5 बजकर 3 मिनट और शिया समुदाय के लिए 4 बजकर 53 मिनट तय किया गया है।

मेरठ और लखनऊ में रोजा खोलने का समय

मेरठ में सुन्नी समुदाय के लिए इफ्तार का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट रखा गया है, जबकि शिया समुदाय के लोग 6 बजकर 30 मिनट पर इफ्तार करेंगे। यहां सहरी का समय सुन्नी समुदाय के लिए सुबह 5 बजकर 11 मिनट और शिया समुदाय के लिए 5 बजकर 13 मिनट है। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुन्नी रोजेदार शाम 6 बजकर 14 मिनट पर इफ्तार करेंगे, जबकि शिया समुदाय के लिए यह समय 6 बजकर 24 मिनट तय किया गया है। 11 मार्च की सहरी सुन्नी के लिए सुबह 4 बजकर 57 मिनट और शिया के लिए 4 बजकर 50 मिनट निर्धारित की गई है।

वाराणसी, गोरखपुर और मुरादाबाद की टाइमिंग

मुरादाबाद में सुन्नी समुदाय का इफ्तार शाम 6 बजकर 23 मिनट और शिया समुदाय का 6 बजकर 34 मिनट पर होगा। यहां सहरी का समय सुन्नी के लिए सुबह 5 बजकर 6 मिनट और शिया के लिए 5 बजकर 1 मिनट तय किया गया है। वाराणसी में सुन्नी रोजेदार शाम 6 बजकर 5 मिनट पर रोजा खोलेंगे, जबकि शिया समुदाय का इफ्तार 6 बजकर 15 मिनट पर होगा। सहरी का समय सुन्नी के लिए सुबह 4 बजकर 55 मिनट और शिया के लिए 4 बजकर 51 मिनट है। गोरखपुर में सुन्नी समुदाय के लिए इफ्तार शाम 6 बजकर 8 मिनट और शिया समुदाय के लिए 6 बजकर 17 मिनट रखा गया है। यहां 11 मार्च की सहरी सुन्नी समुदाय के लिए सुबह 4 बजकर 46 मिनट और शिया समुदाय के लिए 4 बजकर 53 मिनट निर्धारित की गई है।

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