उत्तर प्रदेश

PowerLineAccident – रिंग रोड पर फॉल्ट ठीक करते समय लाइनमैन की करंट से मौत

PowerLineAccident – रिंग रोड स्थित जगरानी हॉस्पिटल के पास शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय संविदा लाइनमैन परशुराम रावत की करंट लगने से मौत हो गई। रात करीब डेढ़ बजे वह विद्युत लाइन में आए फॉल्ट को दुरुस्त करने के लिए पोल पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक तेज झटका लगने से वह नीचे सड़क पर आ गिरे। सिर में गंभीर चोट आने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

घटना कैसे हुई

बताया गया कि इंदिरानगर सेक्टर 25 से कल्याणपुर जाने वाली बिजली लाइन में कंचनाबिहारी मार्ग के पास दो दिन पहले तकनीकी खराबी आई थी। इसी फॉल्ट को ठीक करने के लिए विभागीय टीम मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार, आइसोलेटर खोलकर लाइन पर काम कराया जा रहा था। परशुराम रावत को जम्पर जोड़ने के लिए पोल पर भेजा गया। काम के दौरान ही वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। झटके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे आ गिरे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संभवतः “हवाई करंट” की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, घटना के सही कारणों की जांच की बात कही जा रही है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही सेकंड में हालात बदल गए।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

सूचना मिलते ही परशुराम के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन पूरी तरह बंद किए बिना ही उन्हें पोल पर चढ़ाया गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। परिवार का कहना है कि यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए होते तो यह जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज होकर उन्होंने विरोध जताया। स्थिति को संभालने के लिए गुडंबा पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस और विभाग की प्रतिक्रिया

गुडंबा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। विभाग की ओर से सहायक अभियंता अमितेश कुमार ने बताया कि कार्य के दौरान सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में हवाई करंट की आशंका सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। विभाग ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

आर्थिक सहायता और परिवार की स्थिति

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मृतक के परिवार को तत्काल राहत के रूप में 7.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से 1.5 लाख रुपये परिजनों को सौंप दिए गए हैं और शेष राशि जल्द जारी करने की प्रक्रिया में है। परशुराम रावत अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी अब पूरी तरह अधर में है। पड़ोसियों के अनुसार, परशुराम मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव के व्यक्ति थे और परिवार का मुख्य सहारा थे।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

इस घटना ने एक बार फिर विद्युत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। संविदा कर्मियों की कार्य परिस्थितियां और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उच्च वोल्टेज लाइनों पर काम करते समय अतिरिक्त सावधानी और दोहरी जांच जरूरी है। विभागीय जांच से यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या किसी स्तर पर लापरवाही रही।

फिलहाल परिवार शोक में डूबा है और क्षेत्र में इस हादसे को लेकर दुख का माहौल है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है, जबकि परिजन निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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