उत्तर प्रदेश

PowerAccident – जानकीपुरम में 11 हजार वोल्ट लाइन से झुलसा संविदा कर्मी

PowerAccident – राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में बिजली आपूर्ति बहाल करने गए एक संविदा कर्मचारी के साथ गंभीर हादसा हो गया। सेक्टर-6 उपकेंद्र क्षेत्र में शिकायत निस्तारण के दौरान वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। हादसे में कर्मचारी बुरी तरह झुलस गया और उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शिकायत पर मौके पर पहुंचा था कर्मचारी

संविदा यूनियन के प्रदेश महासचिव देवेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार, घायल कर्मचारी करन जानकीपुरम के सेक्टर-3 का निवासी है। क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिली थी, जिसे दुरुस्त करने के लिए उसे भेजा गया था। नियमानुसार करन ने संबंधित फीडर से शटडाउन लिया और इसके बाद लाइन पर काम शुरू किया। शुरुआती प्रक्रिया सामान्य रही, लेकिन कुछ ही देर बाद तेज धमाके के साथ करंट प्रवाहित हो गया।

फीडर बदलाव की जानकारी न होने का आरोप

यूनियन का कहना है कि करन ने जिस फीडर से शटडाउन लिया था, पहले रेस्टोरेंट की सप्लाई उसी से जुड़ी थी। आरोप है कि अधिकारियों ने बाद में बिना सूचित किए फीडर व्यवस्था में बदलाव कर दिया। इस परिवर्तन की जानकारी मौके पर काम कर रहे कर्मचारी को नहीं दी गई। नतीजतन, लाइन में बिजली प्रवाहित रही और काम के दौरान करंट लग गया। हादसे में करन के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

हादसे के बाद मचा हड़कंप

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी में रखा है। डॉक्टरों के अनुसार, झुलसने के साथ सिर में चोट भी आई है, इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और उसकी हालत में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

संविदा कर्मचारियों का कहना है कि बिजली विभाग में काम के दौरान समन्वय की कमी अक्सर जोखिम पैदा करती है। यूनियन पदाधिकारियों ने मांग की है कि फीडर परिवर्तन या तकनीकी बदलाव की सूचना तुरंत संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए। उनका तर्क है कि यदि समय पर सही जानकारी दी जाती, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। साथ ही, संविदा कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा उपकरण और स्पष्ट संचार प्रणाली की आवश्यकता भी जताई गई है।

विभागीय स्तर पर जांच की तैयारी

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर यह देखा जा रहा है कि शटडाउन प्रक्रिया में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी।

स्थानीय लोगों में चिंता

इलाके के निवासियों ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बिजली मरम्मत के दौरान अक्सर जल्दबाजी दिखाई देती है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो। फिलहाल, घायल कर्मचारी के स्वस्थ होने की कामना के साथ सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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