उत्तर प्रदेश

PoliticalStatement – कांशीराम और आंबेडकर सम्मान को लेकर मायावती का कांग्रेस पर हमला

PoliticalStatement – बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि जिस दल ने लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रहते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को उचित सम्मान नहीं दिया, उससे यह उम्मीद करना कठिन है कि वह बहुजन आंदोलन के संस्थापक मान्यवर कांशीराम को सम्मानित करेगा। उन्होंने कहा कि यह बात सर्वविदित है कि संविधान के निर्माता और दलित समाज के महान नेता डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न देने में भी कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक पहल नहीं की।

आंबेडकर के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर सवाल

मायावती ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भारतीय संविधान के मूल शिल्पकार और दलित समाज के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत माने जाते हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकारों ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि जब आंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्व को समय पर सम्मान नहीं मिला, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वही पार्टी कांशीराम जैसे नेता को सर्वोच्च सम्मान देने की बात किस आधार पर कर सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि दलित समाज के हितों की बात करने वाली पार्टियों के दावों और उनके वास्तविक कार्यों के बीच अंतर को समझना जरूरी है।

कांशीराम के निधन पर राष्ट्रीय शोक न होने का उल्लेख

बीएसपी प्रमुख ने अपने बयान में यह भी याद दिलाया कि जब मान्यवर कांशीराम का निधन हुआ था, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उनके अनुसार उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और राज्य स्तर पर भी राजकीय शोक की घोषणा नहीं की गई। मायावती के अनुसार यह स्थिति उस दौर की राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाती है और इससे यह भी स्पष्ट होता है कि दलित आंदोलन के प्रमुख नेताओं के प्रति राजनीतिक दलों का रवैया कैसा रहा है।

विभिन्न संगठनों पर नाम के इस्तेमाल का आरोप

मायावती ने आरोप लगाया कि समय के साथ कई संगठन और राजनीतिक दल दलित समाज के नाम पर राजनीति करते हुए कांशीराम की विरासत का इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ संगठन केवल उनके नाम का उल्लेख कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करते हैं, जबकि उनके विचारों और संघर्ष की वास्तविक भावना को आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई जाती।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से बहुजन आंदोलन की मूल सोच कमजोर पड़ सकती है और इसलिए समर्थकों को इन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

बीएसपी को कमजोर करने के प्रयासों का आरोप

मायावती ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर अलग-अलग रणनीतियों के जरिए बहुजन समाज पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं। उनके अनुसार यह प्रयास केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई बार बहुजन आंदोलन की विचारधारा को प्रभावित करने की दिशा में भी किए जाते हैं।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा कि वे ऐसी परिस्थितियों में सतर्क रहें और किसी भी भ्रामक राजनीतिक प्रचार से प्रभावित न हों। मायावती ने विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी के प्रति सावधानी बरतने की बात कही और कहा कि बीएसपी की स्थापना ही दलित समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी।

कांशीराम जयंती कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील

बीएसपी प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि 15 मार्च 2026 को मान्यवर कांशीराम की जयंती है और इस अवसर पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बीएसपी के लोग इस दिन को बहुजन आंदोलन के प्रेरणादायी दिवस के रूप में मनाएं।

मायावती ने यह भी कहा कि कांशीराम ने सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी के लिए जो आंदोलन शुरू किया था, उसे आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उनके विचारों और संघर्ष की विरासत को मजबूत करने के लिए संगठित होकर कार्य करें।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.